1200 करोड़ की लागत, लंबाई 6 किलोमीटर…कोटा में तैयार हुआ दुनिया का पहला हेरिटेज चंबल रिवर फ्रंट, देखें Video

शक्ति सिंह/कोटा. शिक्षा की काशी कहा जाने वाला कोटा अब पर्यटन के क्षेत्र में अपनी जगह बनाएगा. जी हां, एजुकेशन सिटी कोटा में दुनिया का पहला हेरीटेज चंबल रिवर फ्रंट तैयार हुआ है. कोटा में बना यह हेरिटेज चंबल रिवर फ्रंट 1200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है, जो कि चंबल नदी के दोनों किनारों पर बेहद खूबसूरत तरीके से 6 किलोमीटर तक बनाया गया है.

यूआईटी के विशेष अधिकारी आरडी मीणा ने बताया कि कोटा में यह बनाई गई नायाब चीज है. चंबल रिवर फ्रंट देश और दुनिया में कोटा के अलावा कहीं और देखने को नहीं मिलेगा. यहां पर चंबल नदी के किनारे देश की सबसे बड़ी नंदी की मूर्ति बनाई गई, तो वहीं भगवान विष्णु के 10 अवतार के दर्शन भी पर्यटक कर सकेंगे. इतना ही नहीं, सबसे बड़ी चंबल माता की मूर्ति और विश्व की सबसे बड़ी घंटी भी चंबल किनारे चंबल रिवर फ्रंट पर पर्यटकों को देखने को मिलेगी. आरडी मीणा के मुताबिक, रिवर फ्रंट पर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का फेस मास्क भी बनाया गया है. इस फेस मास्क के पीछे की तरफ से लोग मास्क के अंदर जा सकेंगे और इनकी आंखों से रिवर फ्रंट का नजारा देख सकेंगे. रिवर फ्रंट पर वृंदावन गार्डन की तर्ज पर बैराज गार्डन को भी विकसित किया गया है.

बार्सिलोना फाउंटेन की तर्ज पर बनाया गया है फाउंटेन
आरडी मीणा ने बताया कि बार्सिलोना फाउंटेन की तर्ज पर यहां भी फाउंटेन बनाया गया है. यहां आने वाले पर्यटक रंग बिरंगी रोशनी और म्यूजिक के साथ फाउंटेन शो एंजॉय कर सकेंगे. इसके अलावा मुकुट महल में संग्रहालय बनाया जा रहा है. रिवर फ्रंट में योग की मुद्रा में एक इनविजिबल स्ट्रक्चर है, जिसे दोनों तरफ राइट और लेफ्ट से देखने पर ही नजर आएगा, लेकिन सामने से देखने पर यह गायब हो जाता है. इसे स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है. इसके अलावा यहां पर देश का पहला एलईडी गार्डन भी बनाया गया है. यहां आने वाले लोगों को वास्तविक पेड़ पौधे पक्षियों की जगह एलईडी एलिमेंट दिखाई देंगे. रिवर फ्रंट के पूर्वी जोन में जोड़ियक घाट भी विकसित किया जिसमें अलग-अलग राशि चक्र हैं.

थाई टेंपल की भी दिखेगी खूबसूरती
आरडी मीणा ने बताया कि रिवर फ्रंट पर थाई टेंपल की खूबसूरत हूबहू इमारत बनाई गई है. यहां पर छोटे-छोटे रेस्टोरेंट्स भी बनाए गए हैं, जिनमें लाल किला भवन में मुगलाई, गोपुरम भवन में साउथ, चाइनीस बिल्डिंग में चाइनीस व्यंजनों का भी पर्यटक लुफ्त उठा सकेंगे. यहां पन्नाधाय हाडी रानी का शौर्य भी दिखेगा, तो पूर्वी छोर पर हाडोती घाट बनाया गया. बूंदी शैली पर निर्माण की 84 खंभों की छतरी तारागढ़ फोर्ट भी बनाया गया. रिवर फ्रंट पर बच्चों के लिए भी खास किड्स जोन में वॉटर पार्क म्यूजिकल जोन भी बनाया गया है.

साथ ही बताया कि यहां कलाकार अपनी प्रस्तुतियां भी दे सकेंगे और लोग बैठकर सुन सकेंगे. साथ ही 5 साहित्यकारों की प्रतिमा भी लगाई गई हैं. यहां एक लाइब्रेरी होगी, जिसमें आने वाले पर्यटक किताबें पढ़ सकेंगे.  आरडी मीणा के मुताबिक, रिवर फ्रंट पर अलग-अलग तरह के फव्वारे होंगे. जबकि सिंह घाट में 9 शेर व्हाइट मार्बल से लगाए गए हैं. चंबल रिवर फ्रंट पर एक छोटा सा बाजार भी रहेगा और यहां बोटिंग और क्रूज का भी संचालन होगा. आगामी अगस्त में चंबल रिवर फ्रंट का उद्घाटन होगा. इसके बाद इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा.

टैग: चम्बल नदी, समाचार शहर, स्थानीय18, राजस्थान समाचार

Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*