I.N.D.I.A. में रहकर बार-बार NDA का जिक्र क्यों कर रहे नीतीश? इस बात पर भी छलक आया दर्द

हाइलाइट्स

बेंगलुरु बैठक को लेकर नीतीश कुमार ने अपनी नाराजगी की बात को खारिज किया.
नीतीश कुमार ने एक बार फिर दिवंगत अटल बिहारी वाजपेई के NDA का जिक्र किया.
कई सहयोगी दलों-नेताओं के साथ छोड़ जाने से आहत नजर आए सीएम नीतीश कुमार.

पटना. भाजपा विरोधी दलों की बैठक खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नहीं रहने के बाद से ही उनकी नाराजगी की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं. हालांकि, मीटिंग के लगभग 24 घंटे बाद नीतीश कुमार स्वयं मीडिया के सामने आए और ऐसी किसी भी खबर को खारिज कर दिया और एक तरह से इसे भाजपा का दुष्प्रचार करार दे दिया. हालांकि, उन्होंने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि उन्हें न तो संयोजक बनना है और न ही उन्हें कोई पद चाहिए. मीडियाकर्मियों से बात करने के दौरान उन्होंने एनडीए का भी जिक्र किया और अपने कई सहयोगियों के छोड़ जाने के दर्द का भी इजहार कर दिया.

बेंगलुरु की मीटिंग को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी की चर्चाओं को नकारा कहा कोई नाराजगी नहीं है. वहीं इंडिया नाम पर भी उन्होंने कहा कि सब ठीक है और काफी बेहतर मीटिंग रही. 26 पार्टियों की मीटिंग थी और काफी अच्छी बातचीत हुई है. वहीं, बीजेपी को क्या मतलब है मेरी मीटिंग से. देर हो रही थी इस वजह से हम लोग वहां से प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले निकल गए. सब लोगों से बातचीत करके नाम फाइनल किया है.

वहीं, नीतीश कुमार ने एनडीए की मीटिंग को लेकर कहा कि इसका कोई मतलब है क्या? अटल बिहारी वाजपेई के टाइम पर एनडीए बना है और उसके बाद ये लोग हैं. ये लोग कभी एनडीए की मीटिंग करते थे क्या? अटल बिहारी वाजपेई के समय में एनडीए के हर पार्टी की मीटिंग होती थी. हम लोगों ने एक मीटिंग करवा दी इसलिए एनडीए ने मीटिंग करवाई है.

नीतीश ने तंज भरे अंदाज में कहा कि, जो लोग एनडीए की मीटिंग में शामिल हुए उसको कोई जानता है क्या? हमलोगों की मीटिंग में जो शामिल हैं उनको तो सब लोग जानता है. जीतन राम मांझी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को हमलोग निकाल दिए तो वह एनडीए में जाकर शामिल हो गया. हमने जान बूझकर कहा था कि विलय कीजिए या बाहर जाइए.

नीतीश कुमार ने आगे कहा, 2024 या उससे पहले जब भी चुनाव हो, हम चाहते हैं कि केंद्र में बैठी सरकार सत्ता से हट जाए, ताकि देश को फायदा हो. नीतीश कुमार ने कहा एनडीए को 2024 में पूरी चुनौती है जब सही समय आएगा तो संभावना है कि कुछ और लोग भी हमारे साथ आ सकते हैं. हम उनका नाम अभी नहीं लेंगे नहीं तो एनडीए वाले लोग उनके साथ क्या कर देंगे पता नहीं. यह लोग देश का इतिहास बदलना चाहता है. इनको आजादी की लड़ाई से कोई मतलब नहीं है. कोई बापू का नाम नहीं लेता है. हमलोग अटल बिहारी वाजपेई के साथ काफी बेहतर काम करते थे.

नीतीश कुमार ने कहा, हमारी कोई निजी इच्छा नहीं है. हमारी इच्छा है देश के विकास की है और हम सिर्फ देश के हित में बात करते हैं. जो लोग मेरे पीछे पड़कर हमको जनता दल से हटाए, वह कहां -कहां भाग गया. देखते रहिए जिसको हम अपनी जगह मुख्यमंत्री बनाए वह कहां हैं?

आरसीपी सिंह पर नीतीश कुमार ने कहा एक आईएएस अफसर था, उसको जगह दिए, वह क्या कर गया? यह सब हमारा दुर्भाग्य है. अब हम सबकी राय से काम करते हैं, जबकि पहले हम सब काम अपनी मर्जी से करते थे. सुशील मोदी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दुख इस बात का है कि उन्हें उप मुख्यमंत्री नहीं बनाया. पार्टी में जगह लेने के लिए सुशील मोदी अंड बंड बोलते हैं.

टैग: 2024 लोकसभा चुनाव, बिहार ताजा खबर, बिहार के समाचार, सीएम नीतीश कुमार, Loksabha Election 2024, Loksabha Elections, विपक्षी राजनीतिक दल, विपक्षी एकता, लोकसभा चुनाव राजनीति

(टैग्सटूट्रांसलेट)सीएम नीतीश कुमार(टी)विपक्षी एकता(टी)विपक्षी राजनीतिक दल(टी)विपक्षी दलों की बैठक(टी)बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक(टी)लोकसभा चुनाव 2024(टी)2024 लोकसभा चुनाव(टी)बिहार समाचार( टी). )बिहार ताजा खबर(टी)लोकसभा चुनाव 2024(टी)लोकसभा चुनाव(टी)2024 लोकसभा चुनाव(टी)लोकसभा चुनाव राजनीति(टी)बिहार समाचार(टी)बिहार समाचार हिंदी में(टी)बिहार आज की खबर (टी)बिहार टुडे न्यूज(टी)बिहार लाइव न्यूज(टी)पटना ताजा खबर(टी)पटना न्यूज(टी)पटना न्यूज हिंदी में(टी)पटना टुडे न्यूज(टी)पटना लाइव न्यूज

Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*