Harbhajan Singh Reveals Why 2011 World Cup Winning Team Never Played Together Again surprisingly – 2011 वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम के साथ जो हुआ, हरभजन सिंह भी हैरान, बोले

हाइलाइट्स

हरभजन सिंह 2007 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे.
हरभजन ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने वाली टीम में अहम भूमिका निभाई.

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस सवाल का जवाब दे दिया है कि क्यों वनडे वर्ल्ड कप 2011 की चैंपियन टीम के खिलाड़ी दोबारा कभी एक साथ नहीं खेले. भारतीय क्रिकेट टीम में 2011 में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर जीता था. भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था.

हालांकि, खराब फार्म और चोटों की वजह से वर्ल्ड कप जीतने वाली प्लेइंग इलेवन कभी भी दोबारा भारत के लिए कोई मैच नहीं खेल पाई थी. महेंद्र सिंह धोनी वनडे वर्ल्ड कप 2011 में भारतीय टीम के कप्तान थे. उनकी कप्तानी ने 1983 के बाद भारत ने दूसरी बार खिताब जीता था.

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न्यूज24 के साथ बातचीत में हरभजन सिंह ने 2011 वर्ल्ड कप विनिंग प्लेइंग इलेवन के दोबारा एक साथ नहीं खेलने को लेकर जवाब दिया. हरभजन सिंह ने कहा कि यह उनके लिए भी एक रहस्य है कि ऐसा क्यों नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ”मैं यह नहीं जानता. उनका उपयोग संभवतः विश्व कप तक ही किया गया था. और यह मेरे लिए भी एक रहस्य है कि वह टीम एक मैच के लिए भी दोबारा क्यों नहीं इकट्ठी हुई, जो बहुत आश्चर्यजनक है. काश चीजों को वापस लिया जा सकता और सुधारा जा सकता.”

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पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर ने कहा, ”अगर हम साथ आएं और खेलें तो अच्छा रहेगा. यह बहुत मजेदार होगा, लेकिन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीम फिर से इकट्ठा नहीं हुई और कोई दूसरा टूर्नामेंट या एक मैच भी नहीं खेला.” हरभजन सिंह भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम में अचानक इतने बदलाव क्यों हुए. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी ऐसे थे, जो विश्व कप के बाद भी खेल सकते थे.

उन्होंने कहा, ”यह मेरी समझ से परे है कि 2011 वर्ल्ड कप जीतने तक टीम बहुत अच्छी थी, लेकिन उसके बाद अचानक उस टीम में इतने सारे बदलाव हुए. जो लोग गेम जीत रहे थे, वे अच्छे नहीं रहे. उस टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी थे, जिनके लिए ऐसा लग रहा था कि यह उनका आखिरी विश्व कप था. लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी थे, जो खेल सकते थे. हां, हम उम्रदराज थे लेकिन हम खेल सकते थे.”

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