दाद, खाज, खुजली…आखिर ठीक होने के बाद फिर क्यों उभर आती है, डॉक्टर से जानें इसकी हकीकत और सही इलाज

हाइलाइट्स

भारत में फंगल इंफेक्शन बहुत बड़ी समस्या है. यहां 61.5 % लोग कभी न कभी फंगल इंफेक्शन के शिकार होते हैं.
हाइजीन का ध्यान रखते हुए भीड़-भाड़ वाले इलाके में दूसरे की स्किन से संपर्क न हों, इसका ध्यान रखें.

फंगल संक्रमण का उपचार: बारिश के मौसम में अधिकांश लोग किसी न किसी तरह से खुजली की समस्या से परेशान रहते हैं. सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब लोग खुजली का इलाज तो करा लेते हैं, उससे ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद यही खुजली फिर से उभर आती है. एक तरह से एक-दो महीने के अंतराल पर हमेशा खुजली शरीर के किसी हिस्से में रहती ही है. भारत में फंगल इंफेक्शन बहुत बड़ी समस्या है. यहां 61.5 प्रतिशत लोग कभी न कभी फंगल इंफेक्शन के शिकार होते हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है? इस सवाल पर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ। अलका गुप्ता बताती हैं कि पिछले कुछ सालों से फंगल इंफेक्शन के कारण दाद, खाज, खुजली को ठीक करना मुश्किल हो रहा है. यह ठीक होने के बाद दोबारा इसलिए उभर कर सामने आ जाता है क्योंकि इसका इलाज सही से नहीं हो पाता है.

क्यों दोबारा उभर आती है खुजली
डॉ. अल्का गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग समझते हैं कि कोई क्रीम लगा लेने और घरेलू उपचार से फंगल इंफेक्शन कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसका सही इलाज कराने के लिए हमें यह समझना होगा कि दाद, खाज, खुजली किस तरह के फंगस से हुई है. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के फंगस का हमला होता है, क्योंकि देश में अलग-अलग तरह की जलवायु है. फंगस की टी. मेटाग्रोफाइट्स, जो टीनिया या रिंगवर्म (दाद, खुजली) प्रजाति अक्सर मुंबई और कोलकाता जैसे तटवर्ती शहरों की नमी वाले वातावरणों में पाई जाती हैं, जबकि एथलीट्स फुट, जोक इच और रिंगवर्म (टी. रूब्रम) अक्सर सामान्य रूप से दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद जैसे ग़ैर-तटवर्ती शहरों में पाए जाते हैं. इनके लिए अलग-अलग इलाज है जिसे कई दिनों तक कराना पड़ता है, लेकिन ज्यादातर खुजली से परेशान लोग कुछ दिनों तक क्रीम लगाते हैं और जैसे ही कुछ राहत मिलती है कि उसे लगाना छोड़ देते हैं. इसमें फंगस पूरी तरह से मरते नहीं है और खुजली दोबारा उभर आती है.

क्या है फंगल इंफेक्शन का इलाज
डॉ. अल्का गुप्ता ने बताया कि जब दाद या खुजली हो, स्किन पर पपड़ी की तरह छाले निकल जाएं, लाल चकत्ते दिखें तो सिर्फ घरेलू इलाज पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. फंगल इंफेक्शन का तत्काल इलाज जरूरी है वरना यह बहुत तेजी से फैलने लगता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है. फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए सबसे पहले साफ-सफाई का ध्यान रखें. दूसरे के तौलिये, कंघी या ब्रश का इस्तेमाल न करें. हाइजीन का ध्यान रखते हुए भीड़-भाड़ इलाके में दूसरे की स्किन से संपर्क न हो, इसका ध्यान रखें. इसके बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टर जितने दिनों तक दवा दें, उतने दिनों तक खाएं. बीच में अगर ठीक भी हो जाए तो इसे छोड़ें नहीं. अमूमन लोग राहत मिलने पर दवा या क्रीम लगाना छोड़ देते हैं जिसके कारण खुजली दोबारा उभर आती है.

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