TMC की लहर में गढ़ भी नहीं बचा पाई BJP, जंगलमहल, नॉर्थ बंगाल में म‍िली करारी हार, स‍िर्फ ग्रामीण चुनाव में चला शुभेंदु का स‍िक्‍का

हाइलाइट्स

BJP प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के गृह क्षेत्र दक्षिण दिनाजपुर में पार्टी का सफाया
पंचायत चुनाव में नंदीग्राम में टीएमसी को 10 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त मिली
भाजपा पूर्व मेदिनीपुर और कुछ हद तक और मालदा जिले में अच्‍छा प्रदर्शन कर पाई

कोलकाता. पश्‍च‍िम बंगाल के पंचायत चुनावों (West Bengal Panchayat Election Results) के हाल में आए पर‍िणामों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का जलवा रहा. टीएमसी ने इन चुनावों में बड़ी जीत हास‍िल कर एक बार अपना झंडा बुलंद क‍िया है. लेक‍िन पंचायत चुनावों में राज्‍य के कुछ ह‍िस्‍सों में मुख्‍य व‍िपक्षी दल भाजपा (BJP) ने भी अच्‍छा प्रदर्शन कर जीत हासिल की है. इसके नतीजों के मद्देनजर भाजपा के ल‍िए आगामी लोकसभा चुनाव-2024 (Lok Sabha Elections-2024) को लेकर राज्य के कुछ हिस्सों में उम्मीद की किरण जगी है.

इंड‍ियन एक्‍सप्रेस में प्रकाश‍ित र‍िपोर्ट के मुताब‍िक इस बीच देखा जाए तो पश्‍च‍िम बंगाल (West Bengal) में पंचायत चुनावों (पंचायत चुनाव) की घोषणा के बाद ही राज्‍य में ह‍िंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आने लगी थीं. मतगणना के द‍िन भी एक वोट‍िंग सेंटर के आसपास व‍िस्‍फोट की घटनाएं र‍िकॉर्ड की गईं. और छ‍िटपुट घटनाएं दर्ज की गईं. त्रिस्तरीय ग्रामीण चुनावों (Three-tier Rural Polls) में टीएमसी (टीएमसी) ने जिला परिषद की 100 फीसदी, पंचायत समितियों की 92 फीसदी और ग्राम पंचायतों की 80 फीसदी सीटों को जीतकर अपनी व‍िजय पताका फहराने का काम क‍िया है. त्रिस्तरीय ग्रामीण चुनावों के सबसे निचले पंचायत स्तर ज‍िसको ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) के जाना जाता है के चुनावों में टीएमसी ने 3,317 में से 2,641 और प्रमुख विपक्षी भाजपा ने 230 जीपी पर जीत का परचम लहराया है.

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चुनाव परि‍णामों पर नजर डाली जाए तो भाजपा (BJP) ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पूर्व मेदिनीपुर जिले (Purba Medinipur district) में किया है जोक‍ि वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) का गृह क्षेत्र माना जाता है. इस क्षेत्र की 223 ग्राम पंचायतों में से 61 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है. वहीं, नादिया जिले (Nadia District) में भी भाजपा ने कुल 185 जीपी में से 44 पर जीत हास‍िल कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.

र‍िपोर्ट के मुताब‍िक बंगाल के कई ज‍िलों में ग्राम पंचायतों में भाजपा ने अपनी जीत दर्ज की है. मालदा जिले में भाजपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है. मालदा की कुल 146 जीपी में से 15 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है. वहीं, कूच बिहार जिले में पार्टी ने कुल 128 जीपी में से 22 पर अपना जीत का झंडा बुलंद क‍िया है. पुरुलिया और बांकुरा जिलों में भाजपा ने क्रमशः 11 और 10 ग्राम पंचायतें जीतीं हैं. वहीं, बंगाल के बाकी जिलों में पार्टी जीपी जीतने के मामले में दोहरे अंक के आंकड़े तक पहुंचने में नाकाम रही है.

जहां तक ​​पंचायत समितियों के चुनाव पर‍िणामों का सवाल है तो दूसरे पंचायत स्तर पर भाजपा राज्य भर में कुल 341 में से केवल 7 पर ही जीत हास‍िल कर पाई है. पूर्व मेदिनीपुर में भाजपा 4 पंचायत समितियां और नादिया, मालदा और हुगली जिलों में एक-एक सीट ही जीत पाई है. इन चुनावों में ज‍िला पर‍िषद पर टीएमसी का ही वर्चस्‍व कायम रहा है. टीएमसी ने सभी 20 जिला परिषदों (जेडपी) पर कब्जा क‍िया है और भाजपा और अन्य विपक्षी दलों को खाता खोलने तक मौका नहीं म‍िला है.

भाजपा को कुल 928 जिला परिषद सीटों में से 31 जीतने में कामयाबी म‍िली है जिनमें से 14 पूर्वी मेदिनीपुर जिला अंतर्गत हैं. इन चुनाव पर‍िणामों के बाद आकलन क‍िया गया है क‍ि भाजपा पूर्व मेदिनीपुर जिले और कुछ हद तक मालदा जिले में भी कुछ अच्‍छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही है.

इन चुनावों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के गृह क्षेत्र माने जाने वाले दक्षिण दिनाजपुर जिले में पार्टी का पूरी तरह से सफाया हो गया है, जहां वह कुल 64 ज‍िला पर‍िषद में से केवल 4 पर ही जीत सकी है. पार्टी जिले में एक भी पंचायत समिति सीट नहीं जीत सकी है.

इस बीच देखा जाए तो ग्रामीण चुनावों में भाजपा को खासतौर पर जंगलमहल (Jangalmahal) और नॉर्थ बंगाल क्षेत्रों (north Bengal regions) में हार का सामना करना पड़ा है. जिन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha polls 2019) के बाद से उसका गढ़ माना जाता रहा है. उस वक्‍त पार्टी ने राज्य की कुल 42 सीटों में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी. भाजपा को इन दोनों क्षेत्रों से अधिकांश संसदीय सीटें मिली थीं.

इस प्रकार पंचायत चुनाव के नतीजे शुभेंदु अध‍िकारी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुए हैं. ग्रामीण चुनावों के कई पहलुओं पर कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में याचिका दायर करने के अलावा, वह पंचायत चुनावों में अपने जिले में महत्वपूर्ण रूप से अपनी पकड़ बनाए रखने में सक्षम रहे हैं. हालांकि, भाजपा ने इन चुनाव परिणामों को ज्‍यादा महत्‍व ना देते हुए कहा क‍ि यह ‘लोगों के सच्चे जनादेश’ को प्रतिबिंबित नहीं करता है.

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शुभेंदु ने आरोप लगाया है क‍ि यह शुरू से ही स्पष्ट था कि इन चुनावों में टीएमसी जीतेगी. वह बड़े पैमाने पर चुनावी कदाचार में लिप्त रही और राज्य में आतंक फैलाने का काम क‍िया है. उन्‍होंने यह भी आरोप लगाया क‍ि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं हुए हैं. इसलिए, यह लोगों के जनादेश का सच्चा प्रतिबिंब नहीं हो सकता.

टीएमसी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने भाजपा की ग्रामीण चुनावों में करारी हार पर शुभेंदु अध‍िकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा है क‍ि वो अब ब्लॉक स्तर के नेता बन गए हैं. वह अपनी पार्टी के लिए पंचायत चुनाव भी नहीं जीत सकते. वही, शख्स अब तक छाती ठोककर इशारों में कह रहा था कि उसने 2021 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) को नंदीग्राम (Nandigram) में 1,956 वोटों के अंतर से हराया है. विधानसभा चुनाव नतीजों की बात करें तो पंचायत चुनाव में नंदीग्राम से टीएमसी को 10 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त मिली है. अब वह कहां छिपा है?

टैग: बी जे पी, लोकसभा चुनाव 2024, ममता बनर्जी, टीएमसी, पश्चिम बंगाल चुनाव

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