सोडा-कोल्ड ड्रिंक्स में पाया जाता है यह स्वीटनर, WHO ने खतरे वाली लिस्ट में किया शामिल, सिर्फ इतना करें सेवन

हाइलाइट्स

एस्पार्टेम स्वीटनर दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.
डब्ल्यूएचओ ने अभी तक इसके कम सेवन को सुरक्षित बताया है.

एस्पार्टेम को संभावित कैंसर जोखिम के रूप में लेबल किया गया: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स, च्यूइंग गम और आइसक्रीम समेत सैकड़ों खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल किए जाने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर एस्पार्टेम (aspartame) को कैंसर का खतरा बढ़ाने वाली लिस्ट में शामिल किया है. रिसर्च में इस बात के सीमित साक्ष्य मिले हैं कि एस्पार्टेम के कारण मनुष्यों में कैंसर हो सकता है. हालांकि इंटरनेशनल एजेंसी ने कहा कि कम मात्रा में इसका सेवन करने से कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन संभावित प्रभावों की जांच की जानी चाहिए. डब्ल्यूएचओ की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) द्वारा समीक्षा किए गए कुछ शोध से पता चलता है कि एस्पार्टेम और लिवर कैंसर के बीच एक संभावित संबंध हो सकता है.

स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार एस्पार्टेम 300 से अधिक अन्य संभावित कैंसर पैदा करने वाले एजेंटों की श्रेणी में शामिल हो गया है. डब्ल्यूएचओ के न्यूट्रिशन डायरेक्टर डॉ. फ्रांसेस्को ब्रांका ने कहा कि वे उपभोक्ताओं को एस्पार्टेम का सेवन पूरी तरह से बंद करने की सलाह नहीं दे रहे हैं. बस थोड़ा संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं. डब्ल्यूएचओ ने वयस्कों को अपने वजन के अनुसार 40 मिलीग्राम प्रति किलो के हिसाब से एस्पार्टेम का सेवन करने को कहा है. यह लिमिट पहले जितनी ही है और इसमें अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है.

इसका मतलब है कि एक वयस्क जिसका वजन 70 किलोग्राम है, वह एक दिन में 2,800 मिलीग्राम एस्पार्टेम का उपभोग कर सकता है. सॉफ्ट ड्रिंक की एक कैन में आमतौर पर लगभग 200 मिलीग्राम एस्पार्टेम होता है. अगर इस हिसाब से देखें, तो 70 किलो वजन वाला वयस्क एस्पार्टेम की सुरक्षित सीमा को पार किए बिना 14 कैन पी सकता है. जानकारों की मानें तो किसी चीज़ को कार्सिनोजेन के रूप में क्लासिफाइड किया जाना यह नहीं बताता कि यह कैंसर के खतरे को कितना बढ़ा सकता है. कभी-कभी ऐसी चीजें होती हैं जो सैद्धांतिक रूप से कैंसर का कारण बन सकती हैं, लेकिन वास्तव में आप जिस खुराक के संपर्क में आते हैं वह आपके जोखिम को बढ़ाने के लिए बहुत कम होती है.

यह भी पढ़ें- शरीर के लिए चमत्कारी हैं ये छोटे-छोटे बीज, पेट की चर्बी कर देंगे गायब, हड्डियों को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

एस्पार्टेम एक कम कैलोरी वाला आर्टिफिशियल स्वीटनर है, जो चीनी से लगभग 200 गुना अधिक मीठा होता है. यह एक सफेद, गंधहीन पाउडर और दुनिया का सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला कृत्रिम स्वीटनर है. एस्पार्टेम को यूरोप और अमेरिका में एक फूड एडिटिव के रूप में अधिकृत किया गया है और इसका उपयोग कई खाद्य पदार्थों में किया जाता है. एस्पार्टेम को 1974 में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशम ने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 50 mg इनटेक के साथ इसे अप्रूव किया था.

यह भी पढ़ें- डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान हैं 5 फल, ब्लड शुगर चुटकियों में करते हैं कंट्रोल, सेहत होगी चकाचक

टैग: कैंसर, स्वास्थ्य, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़, WHO

(टैग्सटूट्रांसलेट)एस्पार्टेम कैंसर का एक संभावित कारण है(टी)एस्पार्टेम पर कौन है(टी)एस्पार्टेम क्या है(टी)एस्पार्टेम कैंसर का कारण कैसे बनता है(टी)कैंसर के संभावित कारणों की सूची कौन है(टी)सोडा स्वीटनर को एस्पार्टेम कैंसर का कारण कौन घोषित करता है(टी)कैंसर कारण(टी)कैंसर का इलाज(टी)कौन(टी)कौन समाचार(टी)कौन कैंसर का कारण बनता है(टी)कैंसर के लक्षण(टी)कैंसर का इलाज(टी)रक्त कैंसर(टी)कैंसर परीक्षण(टी)कैंसर रोगी(टी)विश्व स्वास्थ्य संगठन

Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*