दिल्‍ली में आई बाढ़ तो मेट्रो ने बना लिया रिकॉर्ड, यात्रियों को मिला फायदा

दिल्ली बाढ़ में दिल्ली मेट्रो: बाढ़ के हालात हो गए हैं. जिसके चलते सामान्‍य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. हालांकि मुश्किल के इस दौर में दिल्‍ली मेट्रो काफी मददगार साबित हुई है. जुलाई के महीने में हुई रिकॉर्ड बारिश और यमुना नदी में आई बाढ़ से हजारों लोगों का जीवन और आवाजाही बाधित होने के बावजूद भी दिल्ली मेट्रो परिवहन का सबसे पसंदीदा और विश्वसनीय साधन बनकर उभरा है. जुलाई के पहले दो सप्ताह के वर्किंग डेज (सोमवार से शुक्रवार) के दौरान पैसेंजर जर्नी ने कई बार 60 लाख का आंकड़ा पार किया है जो कि पुराने दिनों में आम तौर पर सोमवार के दिन ही देखने को मिलता था.

डीएमआरसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस महीने के पिछले दो हफ्तों (यानी सोमवार से शुक्रवार) में दिल्ली मेट्रो ने कई बार 60 लाख से अधिक पैसेंजर जर्नी दर्ज की हैं. खासकर इस सप्ताह के आखिरी तीन दिनों (11, 12, 13 जुलाई) में. ये वे दिन थे जिनमें कुछ क्षेत्र जैसे कश्मीरी गेट, यमुना बैंक, मयूर विहार आदि बारिश से सबसे ज्‍यादा प्रभावित रहे हैं. पैसेंजर जर्नी का यह पैटर्न यात्रियों के बीच डीएमआरसी की विश्वसनीयता को दर्शाता है.

डीएमआरसी ने इस महीने में अब तक समयपालन दर (समय पर चलने वाली ट्रेनें) 99.87% दर्ज की है. इसी अवधि के दौरान विश्वसनीयता दर (एक दिन में निर्धारित ट्रेन यात्राओं के मुकाबले की गई वास्तविक ट्रेन यात्राएं) रिकॉर्ड 99.93% दर्ज की गई है. इन्हें दुनिया भर में मेट्रो सेवाओं में उच्चतम समयपालनता और विश्वसनीयता दरों में से एक माना जाता है.

बृहस्पतिवार को जब कश्मीरी गेट के आस पास के इलाके पानी से भर गए थे तो डीएमआरसी के कश्मीरी गेट रिसीविंग सब स्टेशन जो 34.5 किमी लंबी रेड लाइन के 17 किमी खंड पर ट्रेनों या स्टेशनों को चलाने के लिए बिजली आपूर्ति का मुख्य स्रोत है, को भी बंद करना पड़ा जिसका मुख्य स्रोत पास में स्थित दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का पावर स्टेशन है जो कि जलभराव के कारण बंद कर दिया गया था.

हालांकि, डीएमआरसी के कुशल इंजीनियरों की टीम ने ऐसी आपात स्थिति के निपटने के लिए पहले से ही योजना बनाई और रात भर काम किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेड लाइन पर मेट्रो सेवाएं एक मिनट के लिए भी बाधित न हों. लाइन के बाकी दो आरएसएस से बिजली की आपूर्ति प्रदान करके रेड लाइन को चालू रखने की व्यवस्था बनाई गई, यानी रिठाला आरएसएस से जो कि (केवल 8 किलोमीटर की दूरी के लिए बीजली का स्त्रोत है, उसी से कश्मीरी गेट आरएसएस के अंतर्गत आने वाले अतिरिक्त 17 किलोमीटर तक बिजली की आपूर्ति भी कि गयी ) और बाकी बचे खंड में अर्थला आरएसएस से बिजली कि आपूर्ति सुनिश्चित की.

इस तरह की योजना ने न केवल रेड लाइन को बंद होने से रोका बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि वायलेट लाइन- जो कि रेड लाइन कि तरह ही कश्मीरी गेट आरएसएस पर निर्भर है, भी पूरी तरह निर्बाध चलती रहे. वायलेट लाइन को वैकल्पिक रूप से नई दिल्ली आरएसएस से बिजली की आपूर्ति प्रदान की गई , जबकि यह आरएसएस मुख्य रूप से येलो लाइन की बिजली आपूर्ति के लिए बना है.

अगर मेट्रो डिपो में आई बाढ़ तो…
इसके अलावा, डीएमआरसी पिछले दो दिनों से यमुना नदी के आस पास वाले मेट्रो डिपो की ट्रेनें मेन लाइन पर खड़ी कर रहा है, जिसमें रेड लाइन, येलो लाइन, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं. इससे मेट्रो ने सुनिश्चित किया है कि यदि इन डिपो में बाढ़ आ जाती है या अतिरिक्त पानी के कारण मुख्य लाइन तक ट्रेनों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है, तो डीएमआरसी अभी भी मुख्य लाइन पर पहले से ही खड़ी ट्रेनों के साथ अपनी लाइनों पर सर्वोत्तम संभव सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है.

बता दें कि डीएमआरसी के संचालन और रखरखाव विभाग के कर्मचारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेट्रो स्टेशन साफ रहें, इसके परिसर में कहीं कोई पानी जमा न हो और इसका सबसे अच्छा उदाहरण कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन है जो नेटवर्क के सबसे बड़े मेट्रो स्टेशनों में से एक है और जहां तीन लाइनें इंटरचेंज करती हैं. जब स्टेशन के चारों ओर सब कुछ जलमग्न हो गया तब भी स्टेशन का प्रबंधन कुशलतापूर्वक किया गया. इसी तरह, यमुना बैंक स्टेशन भी निर्बाध इंटरचेंज के साथ काम कर रहा है, हालांकि स्टेशन पर प्रवेश या निकास मार्ग बंद कर दिया गया है क्योंकि स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़क पर पानी भर गया है.

डीएमआरसी दिल्ली एनसीआर में सबसे सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अपने सिस्टम व उपकरणों की सुरक्षा पर कड़ी निगरानी रख रही है और अत्यधिक बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों के लिए तैयारियों और योजनाओं की भी समीक्षा कर रही है.

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