यशस्वी जायसवाल की आंखों से निकले आंसू, कोच से कहा- 1 साल कर दिया बर्बाद, प्लास्टिक की बॉल बनी वापसी में मददगार

नई दिल्ली. रोहित शर्मा ने साफ कर दिया है कि 21 साल के युवा बैटर यशस्वी जायसवाल को वेस्टइंडीज के खिलाफ बतौर ओपनर मौका दिया जाएगा. शुभमन गिल नंबर-3 पर खेलेंगे. यानी मुंबई का एक और खिलाड़ी इंटरनेशनल डेब्यू को तैयार है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज आज से शुरू हो रही है. पहला मैच डोमिनिका में खेला जाएगा. टीम मैच में 2 स्पिनर्स और 3 गेंदबाजों के साथ उतर सकती है. टीम मैनेजमेंट की ओर से ऐसा इशारा किया गया है. यानी ऑफ स्पिनर आर अश्विन और रवींद्र जडेजा की जोड़ी का भी खेलना तय है.

यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल 2023 में कमाल का प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए टीम में बतौर रिजर्व खिलाड़ी शामिल किया गया था, लेकिन इस खिलाड़ी के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा. अंडर-19 वर्ल्ड कप में भले ही उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा, लेकिन 2020 में वे आईपीएल में फेल रहे. वे 3 मैच में सिर्फ 40 ही रन बना सके थे. स्ट्राइक रेट 91 का रहा था. इससे वे काफी निराश हो गए थे. तब यशस्वी ने कोच ज्वाला सिंह को फोन करके रोते हुए कहा था, सर मैंने अपना पहला आईपीएल बर्बाद कर दिया. कुछ नहीं किया मैंने. यहीं से उनकी किस्मत भी बदली.

लॉकडाउन के कारण गाेरखपुर बुलाया
यशस्वी जायसवाल जब यह बातें कोच ज्वाला सिंह को बता रहे थे, तब वे कोरोना के लॉकडाउन के चलते गोरखपुर में थे. ज्वाला सिंह ने विज्डन को बताया कि मैंने तुरंत ही यशस्वी जायसवाल से कहा तू भी यहीं आ जा, हम जीरो से शुरुआत करेंगे. हमें यहां सीमेंट से बनी पिच वाला मैदान मिला. मैंने गेंदबाजों से कहा, जितनी तेज गेंद डाल सकते हो डालो. तब यशस्वी ने कोच से कहा था कि इस तरह की प्रैक्टिस से मुझे रेड बॉल क्रिकेट में संघर्ष करना पड़ेगा. मेरी पूरी बैटिंग की तकनीक ही बर्बाद हो जाएगी.

तो कुछ बड़ा करना होगा
ज्वाला सिंह ने यशस्वी जायसवाल को समझाते हुए कहा कि अगर आपको व्हाइट बॉल क्रिकेट में दबदबा बनाना है और कुछ बड़ा करना है, तो आपको इसी गति और इसी उछाल के साथ अभ्यास करना होगा. यशस्वी को शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा. कोच ने बताया कि मुझे एक अंडर-19 के खिलाड़ी को टी20 का खिलाड़ी बनाना था. एक महीने तक संघर्ष करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे वह बेहतर होता गया.

बस छक्के ही मारो
ज्वाला सिंह ने बताया कि वहां की बाउंड्री काफी बड़ी थी. लगभग 70 से 80 मीटर. मैंने यशस्वी जायसवाल से कहा कि बस छक्के मारो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कितनी बार आउट होगे. बस छक्के मारो. अगर तुम्हें कुछ बड़ा करना है, तो खेल में बदलाव करना ही होगा. इसके बाद घरेलू क्रिकेट शुरू हो गए और बीसीसीआई ने टी20 लीग सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को शुरू कर दिया.

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52 गेंद पर ठोका शतक
यशस्वी जायसवाल ने मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मुकाबले में 52 गेंद पर अर्धशतक जड़ दिया. इसके बाद आईपीएल में भी उसका खेल बदला. 2021 में उसका स्ट्राइक रेट बढ़कर 148 हो गया. आईपीएल के 3 सीजन खेलने के बाद उसे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन और कोच कुमार संगकारा से खासा सपोर्ट मिला. इसी कारण वह 2023 आईपीएल में 164 के स्ट्राइक रेट से 625 रन बनाने में सफल  रहा. इतना ही नहीं उसने 26 छक्के भी लगाए. अब देखना होगा कि यह खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत किस अंदाज में करता है.

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