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हाइलाइट्स

अल्सरेटिव कोलाइटिस तनाव की स्थिति में और अधिक बढ़ जाता है. इसलिए तनाव न लें और रात को सही समय पर सोएं.
अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं लेकिन बाद में बहुत दर्दनाक स्थिति हो जाती है.

अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण: कभी-कभी छोटी-छोटी परेशानियों पर हम ध्यान नहीं देते लेकिन छोटी-छोटी परेशानियां बहुत बड़ी बीमारी में तब्दील हो जाती है. अल्सरेटिव कोलाइटिस ऐसे ही आंत की बीमारी है जिसमें आंत में मरोड़ और दर्द होता है. मामला अधिक गंभीर होने पर स्टूल से खून भी निकलने लगता है. शुरुआत में इसकी पहचान मुश्किल होती है लेकिन जिसे इंफ्लामेटरी बावेल डिजीज यानी अक्सर पेट से संबंधित परेशानियां जैसे गैस और एसिडिटी होती है, उसमें यह बीमारी होने का जोखिम ज्यादा होता है. यह बीमारी धीरे-धीरे शुरू होती है और मलद्वार से शुरू होकर बड़ी आंत तक पहुंच जाती है. यह बीमारी पूरे कोलोन को प्रभावित करती है. इस बीमारी में मलद्वार में सूजन हो जाता है जो बढ़ते-बढ़ते घाव का शक्ल ले लेता है. आइए जानते हैं कि इस बीमारी के क्या-क्या लक्षण हैं. अगर ये लक्षण दिखे तो डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करना चाहिए.

अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण

क्लीवलेंड क्लिनिक के मुताबिक अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं लेकिन बाद में बहुत दर्दनाक स्थिति हो जाती है. अल्सरेटिव कोलाइटिस के ये लक्षण हैं-
1. दस्त लगना या बहुत तेज पेट में हलचल मचना.
2.आंत में मरोड़ देना जिससे पेट में दर्द होना.
3.बहुत ज्यादा थकान महसूस होना.
4.जी मितलाना.
5.वजन धीरे-धीरे कम हो जाना.
6.एनीमिया यानी खून में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाना.

अल्सरेटिव कोलाइटिस गंभीर होने पर दिखते हैं ये संकेत

1. स्टूल से म्यूकस या पस या ब्लड निकलना.
2. आंत में तेज मरोड़ होना.
3.बुखार लगना.
4.स्किन में रैशेज होना.
5. मुंह में छाले पड़ना.
6.ज्वाइंट पेन होना.
7. आंखें लाल हो जाना और दर्द होना.
8. लिवर की बीमारी लगना.
9. शरीर में फ्लूड की कमी हो जाना.

अल्सरेटिव कोलाइटिस में कैसे करें परहेज

अल्सरेटिव कोलाइटिस तनाव की स्थिति में और अधिक बढ़ जाता है. इसलिए तनाव न लें और रात को सही समय पर सोएं. रोजना सात से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें. रेगुलर एक्सरसाइज करें. तनाव भगाने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. पेन रिलीफ के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा लें. अगर एंटीबायोटिक से दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर को यह बताएं.

अल्सरेटिव कोलाइटिस में क्या लें डाइट

अल्सरेटिव कोलाइटिस के लिए कौन सा फूड बेहतर होगा, इसके बारे में अब तक कोई खास रिसर्च नहीं है लेकिन कुछ फूड अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण को और अधिक बढ़ा सकता है. जिस चीज में चिकनाई वाली चीज का इस्तेमाल हुआ है, उसका सेवन अल्सरेटिव कोलाइटिस को बढ़ा सकता है. वहीं जिस फूड में ज्यादा शुगर उसका सेवन न करें. कार्बोनेटेड ड्रिंक, हाई फाइबर फूड और अल्कोहल अल्सरेटिव कोलाइटिस को बढ़ा देता है. यानी ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, पिज्जा, बर्गर, फास्ट फूड, मीठी चीजें आदि अल्सरेटिव कोलाइटिस में न खाएं.

क्या है इलाज

अस्लरेटिव कोलाइटिस का परमानेंट इलाज नहीं है लेकिन डॉक्टर विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए बीमारी के लक्षण को कम कर देते हैं.

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