दुकानदार दे रहा था सोने की छोटे चेन, नागा साधु ने कर दी अजीब डिमांड

सेंथिल शनमुगसेल्वम, तेनकासी. नागा साधु शिव के भक्त होते हैं और वे हिमालय में रहते हैं. अमूमन वे कुंभ मेले के मौके पर पहाड़ से नीचे आते हैं. माना जाता है कि वे सांसारिक एवं भौतिक सुख-सुविधाओं और भोग-विलास की इच्छाओं से मुक्त होते हैं क्योंकि वे संन्यासी का जीवन जीते हैं. वे वस्त्र नहीं पहनते हैं और कुम्भ मेले में उन्हें नंगे ही इधर उधर घूमते देखा जा सकता है. पूरे शरीर पर भस्म लेपे और सिर पर जटा रखे ये नगा साधू एक ही साथ देखने में भयंकर और मनमोहक दोनों लगते हैं. आम आदमी को उनका जीवन किसी भी तरह की वासना और इच्छाओं से मुक्त लगता है.

पर तमिलनाडु के तेनकासी ज़िला में ज़ेवरातों के एक दुकान में पहुंचे कुछ नागा साधू इस आम धारणा के बिलकुल विपरीत दिखे. जब इस साधु को ज़ेवरात बेचनेवाले दुकानदार ने सोने का एक चेन भेंट में दिया तो उसने बड़ी चेन लेने की मांग करके वहाँ मौजूद सभी लोगों को अचंभे में डाल दिया।

ज़ेवरात बेचनेवाले इस दुकानदार के दुकान में एक नागा साधु अपने तीन अन्य शागिर्दों के साथ आया. साधू ने दुकानदार से कहा, “हम सब हरिद्वार के हिमालय से आ रहे हैं. हम कन्याकुमारी की अपनी धार्मिक यात्रा से लौट रहे हैं और इसी क्रम में हमें आपकी यह दुकान दिखी और हम आपको आशीर्वाद देने आपकी दुकान में आ पहुंचे हैं.”

यह सुनने के बाद दुकान के मालिक ने इन साधुओं का पूरे आदर के साथ स्वागत किया. साधुओं ने दुकान के मालिक सहित वहाँ मौजूद सभी लोगों को आशीर्वाद दिया और उनके माथे पर भस्म लगाया और पूजा करने के एवज में कुछ पैसे की मांग की.

दुकान के मालिक ने उन्हें कुछ पैसे दिए. साधु ने दुकानदार को आशीर्वाद दिया और फिर अपने पीछे शोकेस में रखे ज़ेवरातों की इशारा कर उनमें से एक ज़ेवर दिए जाने की मांग की. इस माँग से हतप्रभ, दुकानदार के चहरे का रंग थोड़ा फीका हुआ और उसने एक छोटा चेन निकालकर साधु को थमा दिया. पर साधु ने इससे बड़ी चेन दिए जाने की मांग रखी. इस पर वहाँ मौजूद दुकान के एक कर्मचारी ने कहा कि ये चेन किसी ने ऑर्डर देकर बनवाया है और वे इसे लेने के लिए आने वाले हैं.

इसके बाद साधु ने दुकान के मालिक से पूछा कि क्या उसे चेन देने में कोई तकलीफ़ है. दुकानदार कुछ भी निर्णय करने की स्थिति में नहीं था. दुकानदार ने साधु से उसे आशीर्वाद देने को कहा. तब साधु दुकान से दूर हटा और दुकानदार और वहाँ मौजूद दूसरे लोगों को आशीर्वाद देते हुए अपनी गाड़ी में बैठकर चला गया.

टैग: स्थानीय18, तमिलनाडु समाचार

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