दिल्ली-NCR के अस्पतालों में बढ़ने लगे बुखार-डायरिया सहित इन बीमारियों के मरीज, बारिश के मौसम में ऐसे रखें अपने सेहत का ख्याल

नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश का असर अब लोगों के स्वास्थ्य (Health) पर भी पड़ने लगा है. दिल्ली के बड़े-बड़े अस्पतालों (Hospitals) के ओपीडी में मरीजों (Patients in OPD) की संख्या पहले की तुलना में बढ़ गई है. खासकर एम्स (AIIMS), सफदरजंग (Safdarjung), राम मनोहर लोहिया (RML) एलएनजेपी (LNJP), जीटीबी और जीबी पंत (GTB and GB Pant) जैसे अस्पतालों में बुखार, डायरिया, वायरल और शरीर में दर्द के साथ उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. इन मरीजों में ज्यादातर मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं.

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में बारिश ने बुरा हाल कर रखा है. अगर बात करें दिल्ली-एनसीआर की गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम की तो यहां बुर्जुग, बच्चे और छाती और सांस से संबंधित लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं. लोगों में वायरल बुखार, सांस और डायरिया की समस्या अचानक से बढ़ गई है. डॉक्टरों की मानें तो इस मौसम में बच्चों और सांस से संबंधित रोगियों को निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है. यही कारण है कि मुसलाधार बारिश से ओपीडी में 20 से 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं.

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मुसलाधार बारिश से ओपीडी में 20 से 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं.

ऐसे रखें अपने सेहत का ख्याल
नोएडा के प्रकाश अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर अभिषेक कुमार कहते हैं, ‘इस मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण और त्वचा से संबंधित समस्याएं होना आम बात है. इससे बचने के लिए फ्रिज का ठंडा पानी या उसमें रखापदार्थ का इस्तेमाल न करें. त्वचा के संक्रमण से बचाने के लिए हर आदमी को दो बार नहाना चाहिए. इसके साथ ही नमक पानी से गरारे और अदरक, तुलसी, लौंग, काली मिर्च, काढ़ा के साथ-साथ गर्म चाय या दूध का प्रयोग करें. इसके साथ बारिश के पानी में भीगने से परहेज करें. अगर भीग भी जाते हैं तो तुरंत ही कपड़ा बदल लें. नहाने के बाद शरीर का पानी अच्छी तरह से सूखने के बाद ही कपड़े पहनें.’

बारिश के मौसम में इससे करें परहेज
इस मौसम में डॉक्टर कुछ विशेष बातों का भी ख्याल रखने को कहते हैं. खासकर बासी खाना खाने से इस मौसम में परहेज करना चाहिए. कटे हुए फलों को काफी देर रखने के बाद सेवन करते हैं तो इस मौसम में न करें. ठोस खाने के बजाए तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करना चाहिए. बाहर में खुला जूस का सेवन नहीं करना चाहिए. घर पर बनी छाछ और नींबू की शिकंजी का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही खीर, ककड़ी, तारबूज और खरबूजा का सेवन कर सकते हैं. डब्बा बंद सामान से भी बच्चों को परहेज करना चाहिए.

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डॉक्टरों का मानना है कि इस मौसम में परहेज ही सबसे बढ़िया उपाय है. (file photo)

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बता दें कि 15 दिन पहले ही दिल्ली का तापमान अचानक से बढ़ गया था. अचानक तापमान बढ़ने से लोग बेहोश हो रहे थे और कुछ को तो उल्टियां और बीपी की शिकायत भी शुरू हो गई थी. कुछ लोगों को पेशाब नहीं आने की समस्या थी तो कुछ मरीजों का रक्तचाप कम हो गया था. उस समय भी दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई थी. अब बरसात के कारण एक बार फिर से ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है. डॉक्टरों का मानना है कि इस मौसम में परहेज ही सबसे बढ़िया उपाय है.

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