सावन के व्रत में कैसी हो आपकी डाइट? 5 जरूरी बातों का रखें ख्याल, नहीं आएगी कमजोरी, दिनभर रहेंगे हाइड्रेट

हाइलाइट्स

सावन में भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए ज्यादातर लोग व्रत आदि करते हैं.
इसके लिए आप प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर फूड्स का सेवन कर सकते हैं.
उपवास के दौरान ये खाद्य पदार्थ आपको दिनभर तरोताजा रखने में मदद करेंगे.

सावन भोजन चाय: सावन का पवित्र महीना 4 जुलाई से शुरू हो चुका है. इसी के चलते भगवान शिव की विधि विधान से पूजा और जल अर्पित करने का क्रम भी जारी है. माना जाता है कि यह माह भगवान शिव को बेहद प्रिय है. इसके चलते भक्तों पर भगवान शिव का हाथ बना रहता है. ऐसे में लोग भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत आदि भी करते हैं. इस दौरान बेहद जरूरी है कि सेहत का ख्याल रखा जाए. आइए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कन्नौज के डाइटिशियन रोहित यादव से जानते हैं व्रत के दौरान को कैसे हेल्दी रखा जाए.

सावन में उपवास के दौरान कैसे रखें खुद का ख्याल

पौष्टिक आहार का चुनाव करें

सावन में व्रत को ध्यान में रखते हुए परहेज करना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि यह उपवास लंबा चलता है इसलिए विशेष सावधानी से भोजन की योजना बनाना चाहिए. इस दौरान ऐसा भोजन करना चाहिए, जो खाने में पौष्टिक और आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखे. इसके लिए आप प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दाल का सेवन कर सकते हैं. ये खाद्य पदार्थ आपको हमेशा तरोताजा रखने में मदद करेंगे.

हाइड्रेटेड रहना जरूरी

सावन के उपवास के दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि कई बार देखा गया है कि खान-पान ठीक ना होने से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. इसके लिए जरूरी है कि उपवास ना करने के घंटों के दौरान खूब पानी, नारियल पानी और हर्बल चाय पिएं. शर्करा युक्त पेय या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें. क्योंकि वे डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं.

तले और प्रोसेस्ड फूड से बचें

उपवास के दौरान तले हुए और प्रोसेस्ड फूड किसी को भी बीमार करने के लिए काफी है. इस तरह का भोजन करने से शरीर में सुस्ती पैदा होती है. इसके चलते तले हुए खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड स्नैक्स और अधिक चीनी या नमक वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए.

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माइंडफुलनेस का अभ्यास जरूरी

उपवास का अर्थ सिर्फ भोजन और पानी से परहेज करना ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अभ्यास भी जरूरी है. ऐसा करने से मन और तन शुद्ध करने में मदद मिलती है. ध्यान लगाकर, योग करने से अभ्यास करके या प्रकृति में समय बिताकर सचेत रहने का अभ्यास करें. इससे आपको शांत, केंद्रित और परमात्मा से जुड़े रहने में मदद मिलेगी.

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धैर्य की सीमा ना करें पार

अपने शरीर की बात को सुनना और खुद को अपनी सीमा से परे न धकेलना बेहद जरूरी है. यदि आप कमजोरी या चक्कर महसूस करते हैं, तो अपना उपवास तोड़ें और पौष्टिक भोजन करें. अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालने से बेहतर है कि आप अपना उपवास तोड़ दें.

टैग: स्वास्थ्य समाचार, गुणकारी भोजन, जीवन शैली

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