World Cup: जब विंडीज के प्‍लेयर ने दिखाई थी खेलभावना, टीम की हार के बावजूद जीता था दिल

हाइलाइट्स

वर्ल्‍डकप-1987 में वॉल्‍श ने जाफर को नहीं किया था ‘मांकडिंग’ आउट
पाकिस्‍तान की टीम ने इस मैच में एक विकेट से जीत हासिल की थी

नई दिल्‍ली. इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज के दूसरे टेस्‍ट में जॉनी बेयरस्‍टो (Jonny Bairstow) आउट विवाद ने ‘खेल भावना’ को लेकर चर्चा तेज कर दी है. यह सच्‍चाई है कि आज के प्रोफेशनल और प्रतिस्‍पर्धा से भरे समय में प्‍लेयर्स का पूरा ध्‍यान जीत पर केंद्रित है. इस आपाधापी में खेल भावना कहीं दूर ‘छूट’ गई है, हालांकि पहले यह बात नहीं थी. वर्ल्‍डकप 1987 (World Cup 1987) के एक महत्‍वपूर्ण मैच में वेस्‍टइंडीज के एक बॉलर ने गेंद फेंकने के दौरान ही क्रीज छोड़कर बाहर निकल आए विपक्षी बल्‍लेबाज को ‘मांकडिंग’ आउट नहीं करके  खेल भावना का परिचय दिया था.

अपने इस व्‍यवहार से कर्टनी वॉल्‍श (Courtney Walsh) ने दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता था हालांकि पाकिस्‍तान के सलीम जाफर को आउट करने का मौका छोड़ना इंडीज टीम (West Indies vs Pakistan) पर भारी पड़ा था और अब्दुल कादिर ने मैच की आखिरी गेंद पर पाकिस्‍तान को एक विकेट से जीत दिला दी थी.

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भारत और पाकिस्‍तान की संयुक्‍त मेजबानी में आयोजित रिलायंस वर्ल्‍डकप का यह मच 16 अक्‍टूबर 1987 को लाहौर में खेला गया था. पाकिस्‍तान ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर्स में 216 रन बनाए. ओपनर फिल सिमंस ने 50 और विव रिचर्ड्स ने 51 रन का योगदान दिया था. जवाब में पाकिस्‍तान ने एक समय 110 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे और टीम की हार तय नजर आ रही थी. इस मौके पर विकेटकीपर बैटर सलीम यूसुफ (56) ने कप्‍तान इमरान खान के साथ छठे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी कर फैंस के लिए उम्‍मीदें जगाईं.202 रनों के स्‍कोर पर सेट बैट्समैन यूसुफ और इसके बाद 203 के स्‍कोर पर 9वें विकेट के रूप में तौसीफ अहमद के आउट होने से मैच में फिर रोमांच लौट आया.

आखिरी ओवर में पाकिस्‍तान को जीत के लिए 14 रन की दरकार थी और कादिर (Abdul Qadir) का साथ देने के लिए आखिरी बैटर सलीम जाफर क्रीज पर थे.आखिरी ओवर वॉल्‍श ने फेंका जिसकी पहली पांच गेंदों पर कादिर के छक्‍के सहित पाकिस्‍तान ने 12 रन बनाए . आखिरी गेंद वॉल्‍श फेंकने ही वाले थे लेकिन इससे पहले ही जाफर नॉन स्‍ट्राइकिंग एंड छोड़कर आगे निकल चुके थे. वॉल्‍श यदि चाहते तो बैटर को रन आउट कर सकते थे लेकिन उन्‍होंने खेल भावना दिखाते हुए जाफर को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया. उनके इस व्‍यवहार की खेल जगत में जमकर प्रशंसा हुई थी क्‍योंकि इस मैच में जीत न सिर्फ पाकिस्‍तान बल्कि वेस्‍टइंडीज के लिए भी जरूरी थी. आखिरी गेंद पर कादिर ने दो रन लेकर पाकिस्‍तान को जिता दिया था. हालांकि मैच के बाद पाकिस्‍तान की जीत के साथ वॉल्‍श की खेलभावना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही.

इस मैच में हार के कारण इंडीज की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्‍मीदों को करारा आघात लगा था. भारत, पाकिस्‍तान, इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया ने वर्ल्‍डकप 1987 के सेमीफाइनल में स्‍थान बनाया था. बाद में फाइनल में इंग्‍लैंड को हराकर ऑस्‍ट्रेलिया पहली बार वर्ल्‍ड चैंपियन बना था.

टैग: आईसीसी वर्ल्ड कप, पाकिस्तान बनाम वेस्ट इंडीज, विश्व कप

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