हिंसा की आग में जल रहे फ्रांस ने उठाया बड़ा कदम, अब फोन-लैपटॉप की कर सकेगा जासूसी, यह है मकसद

हाइलाइट्स

5 साल की जेल वाली सजा वाले अपराधों में संदिग्ध आरोपियों की जियोलोकेशन का पता लग सकेगा
संदिग्ध लोगों की आवाज और छवियों को रिकॉर्ड करने को उपकरणों को दूर से भी सक्रिय किया जा सकेगा
निगरानी की अवधि 6 माह से ज्यादा न करने की मांग रखी गई, जासूसी को लेकर वामपंथियों ने विरोध किया

पेर‍िस. फ्रांस (France) की पेर‍िस पुल‍िस की प‍िछले माह 30 जून की फायरिंग (Firing Incident) घटना में 17 साल के नाहेल की मौत के बाद से पूरा देश जल रहा है. फ्रांस में करीब एक सप्‍ताह से अशांत‍ि, ह‍िंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हो रही थीं. लेक‍िन अब हालात धीरे-धीरे सुधरते द‍िख रहे हैं. इस तरह की घटनाएं कम होती नजर आ रही हैं. देश को जलता देख फ्रांस के मूल निवासी सड़कों पर उतर आए हैं और शरणार्थियों व प्रवासियों से भिड़ गए हैं.

इस तरह की घटनाओं के बीच फ्रांस सरकार ने एक बड़ा फैसला ल‍िया है. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताब‍िक फ्रांस की पुलिस (French Police) अब फोन समेत अन्य उपकरणों से अपराधों में लिप्त संदिग्ध आरोपियों की जासूसी कर सकेगी. बुधवार देर रात संसद में बहस के बीच कानूनविदों ने इस मामले पर अपनी सहमति दे दी है.

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हालांक‍ि न्याय सुधार विधेयक के तहत जासूसी प्रावधान को लेकर फ्रांस में वामपंथी और अन्य अधिकार रक्षकों की ओर से विरोध किया गया था. न्याय मंत्री एरिक डुपोंड-मेरोटी (Éric Dupond-Moretti) ने कहा कि यह कानून एक साल में दर्जनों मामलों पर असर डालेगा. फ्रांसीसी पुलिस (French Police) को संदिग्धों के फोन और अन्य उपकरणों के कैमरे, माइक्रोफोन और जीपीएस को सक्रिय करके उनकी जासूसी करने की अनुमति मिल गई है.

इस न्याय सुधार व‍िधेयक पर बहस के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के खेमे के सांसदों ने संशोधन भी पेश किए, जिसमें जासूसी प्रावधान के किसी भी उपयोग को न्यायाशीश द्वारा अनुमोदित करने और निगरानी की अवधि 6 माह से ज्यादा न करने की मांग रखी गई. लेक‍िन इस कानून के दायरे में डॉक्टर, पत्रकार, वकील, न्यायाधीश और सांसद समेत संवेदनशील पेशे वालों को लक्ष‍ित नहीं क‍िया गया है. मेरोटी ने कहा कि इस कानून से लोगों की जान बचेगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस फोन, माइक्रोफोन और GPS आदि को कवर करते हुए 5 साल की जेल वाली सजा वाले अपराधों में संदिग्ध आरोपियों की जियोलोकेशन का पता लगा सकेगी. आतंकवादी अपराधों के साथ-साथ अपराध और संगठित अपराध के संदिग्ध लोगों की आवाज और छवियों को रिकॉर्ड करने के लिए उपकरणों को दूर से भी सक्रिय किया जा सकता है.

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