दक्षिण कोरिया ने कोरियाई आयु प्रणाली को खत्म करते हुए अंतर्राष्ट्रीय आयु प्रणाली लागू की है, जानिए उनके बारे में

हाइलाइट्स

कोरियाई देशों में उम्र की गिनने का एक अपना परंपरागत तंत्र चलता है.
इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की उम्र की तुलना में आयु एक या दो साल ज्यादा निकलती है.
अब दक्षिण कोरिया में केवल अंतरराष्ट्रीय उम्र को ही मान्यता प्रदान की जाएगी.

क्या दुनिया में इंसान की उम्र भी अलग अलग तरह की हो सकती हैं? क्या कभी आपने इंटरनेशनल एज के बारे में सुना है? अजीब बात है कि दुनिया में ऐसी जगह भी है जहां इंसान की उम्र मापने का तरीका सामान्य मापन से अलग होता है. लेकिन अगर आप कोरियाई देश गए हो तो वहां लोगों के लिए इस तरह की बातें अजीब नहीं होंगीं. क्योंकि वहां लोगों की उम्र एक साल ज्यादा होती है यानि सामान्य तरीके से गिनी गई उम्र वहां अंतरराष्ट्रीय उम्र मानी जाती है और कोरियाई उम्र एक या दो साल ज्यादा. लेकिन अब दक्षिण कोरिया में यह सिस्टम बदल गया है और वहां सभी की ‘उम्र’ एक साल कम हो गई है.

अलग अलग तरह की उम्र
कोरियाई लोगों की उम्र दुनिया में मापी जाने वाली उम्र से करीब एक या दो साल ज्यादा ही होती है क्योंकि कोरियाई में बच्चा पैदा होने पर उसकी उम्र लग तरह से गिनी जाती है जबकि अंतरराष्ट्रीय उम्र के मुताबिक वह शून्य साल का होता है. इसीलिए कोरिया में दो या तीन तरह की उम्र जिक्र होता है कोरियाई उम्र, कैलेंडर उम्र और अंतरराष्ट्रीय उम्र जो कि यहां क लोगों के लिए बहुत सामान्य सी बात है.

लागू हो गया है नया कानून
28 जून से दक्षिण कोरिया के 5.1 करोड़ लोगों की उम्र लगभग एक या दो साल कम हो गई है.   दक्षिण कोरिया में यह नया कानून सभी कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है. इसके साथ ही अब देश में उम्र को लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था लागू कर दी गई है जिसमें  जन्म लेते समय बच्चे की उम्र शून्य वर्ष होती है और उसकी के अनुसार बढ़ती है और उसमें बाद में भी कुछ जोड़ा नहीं जाता है.

क्या होगा फायदा
बताया जा रहा है कि इससे कोरियाई उम्र और कैलेंडर या अंतरराष्ट्रीय उम्र से संबंधित विवादों और समस्याओं का अंत हो जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे बहुत सारे सामाजिक भ्रांतियां और विवाद कम हो सकेंगे और अनावश्यक हो खर्चों से भी बचा जा सकेगा. वहीं गौर करने वाली बात यह है कि उत्तर कोरिया में आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय उम्र ही मान्य होती है. वहां औपचारिक तौर पर कोरियाई उम्र बताना भी अच्छा नहीं माना जाता है.

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कोरियाई देशों में नवजात शिशु की उम्र उसके जन्म के समय से नहीं गिनी जाती है, इसलिए कोरयाई उम्र कुछ अलग होती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

कैसे गिनी जाती है कोरियाई उम्र
कोरिया में सामान्य तौर उम्र जब बताई जाती है तो वह करीब एक से दो साल तक ज्यादा होती है. कोरियाई  उम्र के मापन के सिस्टम की जड़ें चीन में हैं जिसके तहत जब बच्चा पैदा होता दो उसकी उम्र एक साल से ऊपर की मानी जाती है और साथ ही एक जनवरी के बाद का समय भी जोड़ दिया जाता है. यानि जो बच्चा कोरिया में यदि एक जनवरी को समान्य गणना के अनुसार एक दिन को तो वह दो साल का हो जाता है.

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कैलेंडर उम्र और अंतरराष्ट्रीय उम्र में भी अंतर
कुछ स्थितियों में दक्षिण कोरिया में लोग कैलेंडर एज का भी उपयोग करते हैं जो इंटरनेशनल एज और कोरियन एज का मिला जुला रूप है जिसमें बच्चा पैदा होने पर तो शून्य साल को होता है लेकिन जब अगली एक जनवरी की तारीख आती है तो वह एक साल का हो जाता है. ऐसे में गंगनम स्टाइल के सिंग साई (Psy) का उदाहरण मुफीद है  जो 31 दिसंबर 1977 को पैदा हुए थे. लेकिन उनकी अंतरराष्ट्रीय उम्र 45, कैलेंडर उम्र 46 और किरोयन उम्र 47 है.

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कोरिया के लोग अब भी सामाजिक तौर पर कोरियाई उम्र के तरीके को मानते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

दोनों कोरिया में स्थिति
चाहे उत्तर कोरिया हो दक्षिण कोरिया दोनों ही जगह अनौपचारिक तौर पर कोरियाई उम्र का ही जिक्र होता है. लेकिन दक्षिण कोरिया में अंतरराष्ट्रीय उम्र के साथ कोई स्पष्ट उपयोग का अंतर नहीं था. जबकि उत्तर कोरिया में पार्टी और लोक सेवकों के लिए और औपचारिक बातचीत में अंतरराष्ट्रीय उम्र का ही उपयोग किया जाता है. वहीं उत्तर कोरिया में तीन सिस्टम होने से काफी भ्रम की स्थिति भी होती है.

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लेकिन दक्षिण कोरिया में यह बदलाव आसान नहीं है. यहां अब भी निजी और सामाजिक तौर पर कोरियाई तंत्र का उपयोग होगा इसकी एक वजह यह भी है कि कोरियाई लोग सांस्कृतिक तौर पर नवजात शिशु की शून्य उम्र को अच्छा नहीं मानते हैं. इसके अलावा अभी सरकार ने भी कई मामलों में अंतररष्ट्रीय तंत्र की अनिवार्यता को मामने में ढील दी है.  फिर भी बहुत से लोगों को मानना है कि इससे हालात बेहतर ही होंगे.

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