तबाह हो जाएगी धरती? छा जाएगा अंधेरा, कम्युनिकेशन सिस्टम हो जाएगा ठप! ‘यह आग का गोला’ बनेगा वजह

हाइलाइट्स

खगोलविदों ने सूर्य में सौर गतिविधि तेज होने की चेतावनी जारी की है.
दुनिया भर में तापमान बढ़ने को लेकर वैज्ञानिक चिंतित हैं.

नई दिल्ली. दुनिया भर में बढ़ते तापमान को लेकर वैज्ञानिक व खगोलविद चिंतित हैं. कई सारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले वर्षों में दुनिया भर का तापमान बढ़ने वाला है. ऐसे में एक और खबर ने लोगों को चिंता में डाल दिया है. दरअसल, सूर्य में सोलर एक्टिविटी तेजी से बढ़ रही है. जबकि खगोलविदों को इस बात का अंदाजा बिल्कुल भी नहीं था कि ऐसा 2025 से पहले होगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल के अंत तक सूर्य का अधिकतम तापमान बढ़ने की उम्मीद है.

पृथ्वी के मैगनेटिक फील्ड पर पड़ सकता है बुरा असर
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के एक Solar Physicist, एलेक्स जेम्स ने लाइव साइंस को बताया, “सूर्य का तापमान समय से पहले चरम पर पहुंचने वाला है और अपेक्षा से अधिक इसका तापमान होगा.” सौर बढ़ने से पृथ्वी पर कई गंभी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. सौर अधिकतम के दौरान, सूर्य पर चुंबकीय क्षेत्र अपने सबसे निचले स्तर पर होता है, जो पृथ्वी के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र एक ढाल के रूप में कार्य करता है जो सौर विकिरण (Solar Flares) को रोकता है और सौर ज्वालाओं और कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) को भी रोकता है.

सनस्पॉट पर बनने वाले फील्ड के चलते होता है विस्फोट
नासा के मुताबिक “सनस्पॉट वे क्षेत्र हैं, जो सूर्य की सतह पर काले रंग के दिखाई देते हैं. वे काले रंग के इसलिए दिखाई देते हैं क्योंकि वे सूर्य की सतह के अन्य हिस्सों की तुलना में ठंडे हैं.” सूर्य के धब्बों के पास चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं पुनर्गठित होने पर विस्फोट का कारण बनती हैं, जिससे सौर ज्वालाएं उत्पन्न होती हैं. यह अंतरिक्ष में बहुत सारा विकिरण छोड़ता है. नासा ने कहा, विस्फोट से विकिरण निकलता है जो पृथ्वी पर हमारे रेडियो संचार में हस्तक्षेप कर सकता है.

दुनिया भर में पावर ग्रिड की शुरू हो सकती है समस्या
इसके अलावा, एक और चिंता का विषय सौर तूफान की घटनाएं हैं, जिनमें भारी मात्रा में सीएमई होती है, जो अंतरिक्ष से यात्रा करके पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराती है. उनके प्रभाव से भू-चुंबकीय तूफान उठ सकता है. इसके चलते सैटेलाइट, संचार, इंटरनेट कनेक्टिविटी और जीपीएस बाधित या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. इससे पावर ग्रिड विफलता भी हो सकती है.

टैग: नासा, सौर परिवार, रवि

Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*