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दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में दो पदों के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. दरअसल कोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी कि यह पद आरक्षण श्रेणी के लिए नहीं था.

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में दो पदों के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरक्षण संकाय के लिए नहीं था।

बता दें कि जेएनयू ने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 10 आरक्षित सहित असिस्टेंट प्रोफेसरों के 97 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था. जिसकों चार उम्मीदवारों द्वारा कोर्ट में चैलेंज किया गया था. न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने याचिका की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी.

याचिका में प्राध्यापकों को सहायक प्राध्यापकों के पदों के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी करने की मांग की गई थी.  जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए कोई आरक्षण नहीं था. इसने 3 अप्रैल को आयोजित 279 वीं कार्यकारी परिषद की बैठक को खत्म करने की मांग की, जिससे यह चार याचिकाकर्ताओं और गैर-ईडब्ल्यूएस श्रेणी के व्यक्तियों को शिक्षण पदों पर आवेदन करने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

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टैग: मुख्य न्यायाधीश दिल्ली उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय, हाईकोर्ट, जेएनयू

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