Tag: Film Review

Zara Hatke Zara Bachke Review: न हटके, न बचके, सीधे म‍िड‍िल क्‍लास के सपनों को छूती है व‍िक्‍की कौशल की ये फिल्‍म

Zara Hatke Zara Bachke Review: स‍िनेमा पर नई जोड़‍ियां दर्शकों के बीच हमेशा ही उत्‍साह का कारण बनती हैं. ऐसी ही एक नई जोड़ी है व‍िक्‍की कौशल और सारा अली…

किरदारों के कमजोर चित्रण के कारण KAAPA की रीढ़ कमजोर है, पढ़ें फिल्म समीक्षा

‘काबा’ फिल्म समीक्षा: केरला एंटी-सोशल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट यानी कापा एक विचित्र मलयालम फिल्म है. इस फिल्म का इस एक्ट से बस उतना ही लेना देना है जितना कि एक…

यदि आप मसाला जन मनोरंजन मिस कर रहे हैं तो रवि तेजा धमाका देखें

‘Dhamaka’ Film Review: मास महाराजा के नाम से प्रसिद्द तेलुगू अभिनेता रवि तेजा की फिल्में सचमुच में मास एंटरटेनर होती हैं और बॉक्स ऑफिस पर धमाका करती रहती हैं. महेश…

Read Sanjay Mishra Full film Review Vadh in Hindi

‘Vadh’ FILM REVIEW: कभी-कभी एक नपी तुली स्क्रिप्ट जन्म लेती है. लिखते समय तो शायद इतनी बारीकी से नहीं सोचा जा सकता है और खासकर यदि आप ही फिल्म डायरेक्ट…

‘दहन : राकन का रहस्य’ को शायद दो या तीन एपिसोड में खत्म किया जा सकता था

कई बार कहानी लिखते समय लेखक को बड़ा आनंद आता है जबकि लेखन एक नितांत एकांत में की गयी सृजन प्रक्रिया है, जिसमें सिर्फ और सिर्फ कष्ट होते हैं. किसी…

Film Review ‘Sherdil’: पंकज त्रिपाठी के अभिनय की पहली गलती है ‘शेरदिल: द पीलीभीत सागा’

फिल्म समीक्षा ‘शेरदिल’: मिमिक्री एक अद्भुत विधा है. किसी भी व्यक्ति की आवाज़ और हाव भाव की नक़ल करना और कुछ इस कदर करना कि देखने वाला उसे असली समझ…

‘Carter’ Film Review: हिंसा को एक डांस परफॉर्मेंस की तरह दिखाती है कोरियन फिल्म ‘कार्टर’

‘कार्टर’ फ़िल्म समीक्षा: दक्षिण कोरिया की फिल्मों के हिंदी रीमेक बनते रहे हैं. कभी अच्छे तो कभी बहुत ही घटिया. कोरियाई फिल्मों में कहानी शायद उतनी अच्छी न भी होती…

Detail Review: ‘The Gray Man’ यानी एक्शन, एक्शन और एक्शन… उसके बाद थोड़ा और एक्शन

‘द ग्रे मैन’ की विस्तृत समीक्षा: मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स के दीवाने रूसो ब्रदर्स यानी अन्थोनी रूसो और जो रूसो को अतिशय सम्मान की दृष्टि से देखते हैं. वजह भी साफ़…

‘Jaadugar’ Detail Review: ‘जादूगर’ की टोपी से कबूतर निकलना कब बंद होंगे

‘Jaadugar’ Detail Review: द वायरल फीवर ने भारत की नया कॉन्टेंट पचाने की भूख को तेज़ी से भड़का दिया था. अमोल पालेकर के प्रौढ़ होते ही मिडिल क्लास पर फिल्में…

‘Ante Sundaraniki’ Film Review: क्यों न एक साफ सुथरी रोमांटिक फिल्म देखी जाए

‘एंटे सुंदरानिकी’ फिल्म समीक्षा: दर्शकों की पसंद का हिसाब समझना ज़रा मुश्किल ही होता है. एक तरफ सम्राट पृथ्वीराज चौहान जैसी इतिहास पर आधारित फिल्म नहीं चलती, तो वहीं एक्शन…