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Detail Review: जिंदा होने का एहसास करना हो तो ‘नजर अंदाज’ को नजर अंदाज न करें

1980 में सई परांजपे की फिल्म स्पर्श में नसीरुद्दीन शाह ने एक अंधे किन्तु स्वाभिमानी ब्लाइंड स्कूल प्रिंसिपल का किरदार निभाया था, जिसे दया शब्द ही नहीं दया से भी…

Detail Review: ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ में कहानी देखी हुई है, लेकिन सीरीज दमदार है

खाकी वर्दी का रंग निराला ही होता है. फिल्मों में कई बार खाकी का महिमा मंडान कुछ इस तरीके से किया जाता है कि वे सुपरहीरो से भी ज़्यादा कुछ…

Detail Review: जाकिर खान का ‘तथास्तु’, हंसाते-हंसाते आपको रुला देगा

हिंदुस्तान के सबसे चहीते स्टैंड अप कॉमेडियन के तौर पर आप सोचना शुरू करते हैं तो राजू श्रीवास्तव के बाद सीधे ज़ाकिर खान पर आ कर रुकते हैं. दोनों की…

Detail Review: और कितना खींचना है हैरी पॉटर को ‘फैंटास्टिक बीस्ट्स: द सीक्रेट्स ऑफ डम्बल्डोर’

विस्तृत समीक्षा: जॉनी डेप और उनकी पत्नी एम्बर हर्ड के बीच पिछले कुछ सालों से चल रहे मानहानि और घरेलू झगड़ों/ हिंसा के केस की वजह से जॉनी डेप को…

Detail Review: जितना प्रचार और हल्ला मचाया था, उतनी तो अच्छी नहीं थी ‘तमिल रॉकर्ज’

विस्तृत समीक्षा: सोनी लिव पर रिलीज़ वेब सीरीज “तमिल रॉकर्ज” देखने के बाद ये एहसास होता है कि ये कुख्यात वेबसाइट तमिल रॉकर्स पर एक पुलिसवाले की कहानी बनाने की…

Detail Review: ‘द लॉस्ट सिटी’ में इतनी बेतुकी है कि हंसी आ जाती है

विस्तृत समीक्षा: बकवास फिल्में भी बिना सोचे समझे मूर्खता की उस सीमा पर पहुंच जाती हैं जहां हंसी आ ही जाती है. ये हंसी फिल्म देख कर आ रही है…

Detail Review: ‘मी टाइम’ कॉमेडी में कुछ ज्ञान की बातें भी हैं

विस्तृत समीक्षा: समय का चक्र विचित्र होता है. हिंदुस्तान में तो ऐसा कम ही होता है जहां शादी के बाद स्त्री नौकरी करके घर का खर्च चलाती हो और पति…

Detail Review: सच की कड़वाहट को झेलने की हिम्मत रखते हैं तो जरूर देखिए ‘बेन स्टोक्स: फीनिक्स फ्रॉम द एशेज’

विस्तृत समीक्षा ‘बेन स्टोक्स: फीनिक्स फ्रॉम द एशेज’: कहा जाता है कि यदि आप अपने आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखेंगे, रोज़ाना एक्सरसाइज करेंगे, कोई खेल खेलेंगे और लोगों से…

Detail Review: कोरियन सीरीज ‘फ्लावर ऑफ इविल’ का एक बेहतरीन अडॉप्टेशन है ‘Duranga’

विस्तृत समीक्षा: ज़ी5 पर हाल ही में एक बेहतरीन वेब सीरीज रिलीज़ की गई है- ‘दुरंगा’. वैसे तो ये एक सफल कोरियन ड्रामा “फ्लावर ऑफ़ इविल” का भारतीय अडॉप्टेशन है,…

Detail Review: पोस्टमॉर्टम के बाद शरीर सिलने की जरूरत नहीं समझी गई ‘कडावर’ में

विस्तृत समीक्षा: कल्पना कीजिये, पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है. शव ऑपरेटिंग टेबल पर है. फोरेंसिक डॉक्टर ने शरीर को चीरा लगाकर, सभी आतंरिक अंगों की जांचकर के शव को बिना…