नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम में इस वक्त बदलाव का दौर चल रहा है. सीनियर खिलाड़ियों को खराब फॉर्म की वजह से बाहर होना पड़ा और उनकी जगह नए खिलाड़ियों ने ली है. चयनकर्ताओं ने टीम से बाहर हुए अनुभवी खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर वापसी करने की सलाह दी है. हालिया उदाहरण अजिंक्य रहाणे हैं जिनकी वापसी हुई और वो दोबारा उप कप्तान बनाए गए. दलीप ट्रॉफी में खेल रहे तीन धुरंधरों ने रन बनाए हैं लेकिन ये वापसी के लिए काफी नहीं होंगे.

टीम इंडिया के कई सीनियर खिलाड़ी अपने खराब फॉर्म की वजह से टीम से बाहर हो चुके हैं. चेतेश्वर पुजारा को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद चयनकर्ताओँ ने बाहर का रास्ता दिखाया. वेस्टइंडीज दौरे पर चुनी गई टीम में उनको नाम नहीं था. मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी काफी महीनों से टीम से बाहर चल रहे हैं.

दलीप ट्रॉफी में भारतीय टेस्ट टीम से बाहर किए गए तीनों ही सीनियर ने रन बनाए हैं. चेतेश्वर पुजारा ने तो शतक भी जमाया. इस अनुभवी बल्लेबाज ने 46 की औसत से दो मुकाबलों में कुल 185 रन बनाए हैं. वेस्ट जोन के लिए 133 रन की पारी उनकी सबसे बड़ी पारी रही. फिलहाल इस प्रदर्शन के बाद भी उनको इतनी जल्दी चयनकर्ता टीम में जगह नहीं देंगे क्योंकि शुभमन गिल उनकी जगह खेल रहे हैं और टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि उनको पूरा वक्त दिया जाएगा.

मयंक और हमुमा का भी चला बल्ला

टीम से बाहर चल रहे भारतीय टीम के ओपनर मयंक अग्रवाल का बल्ला भी दलीप ट्रॉफी के दो मुकाबलों में ठीक ठाक चला है. 4 पारी में 76 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी के साथ उन्होंने 48 की औसत से कुल 193 रन बनाए हैं. वहीं हनुमा विहारी की बात करें तो उनके खाते में 148 रन हैं. 63 उनका सर्वाधिक स्कोर रहा जो फाइनल में बनाया था.

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