नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार शाम प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल के विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ‘खुशी’ जता रहे विपक्षी नेताओं पर परोक्ष हमला किया और कहा कि वे ‘विभिन्न कारणों से भ्रमित’ हो रहे हैं.

गृह मंत्री शाह ने ट्वीट कर कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का निदेशक कौन है, क्योंकि जो कोई भी इस पद पर होगा, वह विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले परिवारवादियों के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर नजर रखेगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) अधिनियम, 2021 में संशोधन को बरकरार रखा है, जिसके तहत सरकार सीबीआई और ईडी प्रमुखों को अधिकतम पांच साल का कार्यकाल दे सकती है.

‘ईडी की शक्तियां पहले की जैसी’
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘भ्रष्ट और कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए ईडी की शक्तियां पहले जैसी हैं, क्योंकि यह एक ऐसी संस्था है जो किसी व्यक्ति विशेष से परे है और यह अपने मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करने के प्रति लक्षित है, यानी धन शोधन और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन के अपराधों की जांच करना.’

इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा, ‘इस तरह, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि ईडी का निदेशक कौन है, क्योंकि जो कोई भी इस पद पर होगा, वह विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले ‘परिवारवादियों के क्लब’ के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर नजर रखेगा.’

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी प्रमुख के कार्यकाल विस्तार पर लगाई रोक
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनाए अपने फैसले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को अवैध करार दिया तथा उनका विस्तारित कार्यकाल घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया. जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल की बेंच ने कहा कि इस साल वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) द्वारा की जा रही संबंधित समीक्षा के मद्देनजर और सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई तक रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने जताई खुशी
ईडी निदेशक के सेवा विस्तार के खिलाफ याचिका दायर करने वालों में शामिल कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई और साथ ही कहा कि शीर्ष अदालत को ईडी व सीबीआई निदेशक के सेवा विस्तार के कानून की वैधता को सही ठहराने वाले निर्णय पर भी पुनर्विचार करने की जरूरत है.

सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘आज मेरे द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी निदेशक के सेवा विस्तार को पूरी तरह अवैध ठहराया है! दरअसल विपक्ष के जरिये लगातार उठती जनता की आवाज को दबाने, राज्यों में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने और विपक्ष के नेताओं को डरा धमकाकर अपनी पार्टी में शामिल कराने के लिए मोदी सरकार जांच एजेंसियों को कैसे बीजेपी की सहयोगी इकाई की तरह इस्तेमाल करती आ रही है, यह पूरा देश देख रहा है!’

कांग्रेस महासचिव ने इसके साथ ही आरोप लगाया कि आज अदालत के इस फैसले ने भी फिर से साबित किया है कि  ‘मोदी सरकार संविधान और कानून को ताक पर रखकर, दिनदहाड़े लोकतंत्र का गला घोटने में जुटी है!’

टैग: अमित शाह, प्रवर्तन निदेशालय, सुप्रीम कोर्ट

Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *