विनय अग्निहोत्री/भोपाल. बारिश के मौसम में सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं. भारत में औसतन हर दिन कहीं न कहीं लोगों को सांप काटने के मामले सामने आते हैं. वर्ष 2020 के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में हर साल औसतन लगभग 58,000 लोगों की मौत सर्पदंश से होती हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे काफी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि बहुत से मामले रिपोर्ट (संज्ञान) ही नहीं आते हैं.

बरसात में अपने बिल से बाहर निकलने के बाद सांप ज्यादातर खेत-खलिहान में काम करने वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. भारत में स्नेकमैन नाम से मशहूर सर्प वैज्ञानिक रोमुलस व्हिटकर की पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ सांइस नाम के जर्नल में वर्ष 2011 में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रति वर्ष जून से सितंबर के बीच सर्पदंश से 45 से 50 हजार लोगों की मौत हो जाती है. इनमें से ग्रामीण इलाकों में होने वाली मौतें 97 प्रतिशत हैं. सर्पदंश से होने वाली मौत में 59 फीसदी पुरुष और 41 फीसदी महिलाएं होती हैं.

सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं और डॉक्टरी सहायता लें

न्यूज़ 18 लोकल ने इस संबंध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के डॉ. सुजीत सिंह से बातचीत की जिसमें उन्होंने बताया कि यदि किसी को सांप काट ले तो शांत रहें और घबराएं नहीं. कहीं आराम से लेट जाएं, कपड़े ढीले कर दें और चूड़ी, कड़ा, घड़ी, अंगूठी जैसे पहने गये सामान (आभूषण) निकाल दें. सर्पदंश वाले स्थान को उचित एंटीसेप्टिक साबुन और गर्म पानी से धोएं. जब आपको सांप काट जाता है, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें और नजदीकी अस्पताल जाएं. चिकित्सा सलाह लें और आपको आवश्यक टिटनेस शॉट या अन्य चिकित्सा उपचार के लिए डॉक्टर के संपर्क में रहें.

डॉ. सुजीत ने कहा कि ऐसी स्थिति में भूल कर भी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाएं. आपदा प्रबंध प्राधिकरण कार्यालय का कहना है कि सांप काट ले तो झाड़-फूंक कराने के बजाय उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं. समय पर इलाज कराएं जिससे सांप का जहर निष्प्रभावी हो जाता है और पीड़ित की जान बच जाती है. देर होने पर जान जाने का खतरा बढ़ जाता है.

MP सरकार ने सर्पदंश को वर्ष 2021 में आपदा घोषित किया

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021 में सर्पदंश से होने वाली मौत को आपदा घोषित किया है. सांप काटने से होने वाली मौत पर पीड़ित परिवार को आमतौर पर मुआवज़ा राशि कुछ हजार रुपये से शुरू होती है और एक लाख रुपये तक हो सकती है, जो सांप काटने की घटना की गंभीरता, अस्थायी या स्थायी अक्षमता के परिणामस्वरूप होने पर निर्भर करती है. मुआवजे का क्लेम करने के लिए सीएचसी-पीएचसी या किसी भी सरकारी अस्पताल से उसका प्रमाण जरूर लें.

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