मेघा उपाध्याय/इंदौर. इन दिनों जामुन का सीजन चल रहा है. हर कोई काले-काले और मीठे जामुन खाना चाहता है. चूंकि जामुन एक बेरी है तो इसमें गुठली भी होती है, लेकिन यह अन्य फलों की गुठली से अलग होती है. जामुन खाने से भी ज्यादा फायदे इसकी गुठली में हैं, जिनको जान कर आप हैरान हो जाएंगे.

डायबिटीज यानी मधुमेह के मरीजों के लिए जामुन की गुठली रामबाण इलाज है. इसको नियमित रूप से लेने से न सिर्फ डायबिटीज कंट्रोल होगी, बल्कि जड़ से खत्म होने के भी रिजल्ट सामने आए हैं. इसके अलावा जामुन की गुठली कैंसर से भी बचाव करता है. साथ ही, अगर किसी को पथरी है तो जामुन के पाउडर का सेवन पथरी को गला कर उसे शरीर से बाहर निकाल देता है.

जामुन में विटामिन सी और आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो शरीर में खून बढ़ाने में भी मदद करता है. ऐसे में अगर किसी को एनीमिया की शिकायत है तो वो भी जामुन का फल और उसके गुठलियों का सेवन कर सकता है.

कैसे बनाएं जामुन की गुठली का पाउडर

जामुन को खाने के बाद इसकी गुठली का पाउडर बना कर इसे आप साल भर स्टोर कर सकते हैं. इसका नियमित सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद है और कई बीमारियों के इलाज में भी असरदार है. सबसे पहले आपने जो जामुन खाये हैं उनकी गुठलियों को अच्छे से गुनगुने पानी में धो लें जिससे कि उस पर लगा जूठन साफ हो जाए. इसके बाद, उसको हल्की धूप में सुखा लें. ध्यान रहे कि इन्हें कड़क धूप में ना सुखाएं अन्यथा इसमें मौजूद सारे गुण खत्म हो जाएंगे.

जब गुठलियां सूख जाएं तो इन्हें दरदरा होने तक पीस लें और एक छननी से छान कर इसके पाउडर को साफ की हुई कांच की एयरटाइट ढक्कन वाले जार (बर्तन) में भर कर सूखी जगह पर रख दें. जब भी इसका इस्तेमाल करें तो साफ चम्मच से निकाल कर वापस एयरटाइट कंटेनर को बंद कर दें.

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