क्या आपके भी बच्चे की फेवरेट है ये 10 रुपये की चीज? तुरंत रोकें नहीं तो बिगाड़ लेगा सेहत, लिवर भी हो सकता खराब

हाइलाइट्स

इंस्‍टेंट नूडल्‍स को बनाना बेहद आसान और इसे बनाने में समय भी कम लगता है.
इंस्‍टेंट नूडल्स में मौजूद हाई सोडियम सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है.

इंस्टेंट नूडल्स का स्वास्थ्य पर प्रभाव: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कम समय में तैयार होने वाले भोजन को बेहद पसंद किया जाता है. लेकिन इसका सेहत पर क्या असर पड़ेगा, लोग इससे बेफिक्र होते हैं. ऐसे ही भोजन में एक है नूडल्स. दरअसल, नूडल्स बेहद कम समय और कम पैसों में बनकर तैयार हो जाते हैं. इसके अलावा इसमें मिले हानिकारक केमिकल इसका स्वाद बढ़ा देते हैं. यही कारण है कि बच्चे इसको अपना फेवरेट मानते हैं. कई पैरेंट्स भी समय के अभाव को देखते हुए बच्चों को नूडल्स बनाकर देते हैं. यदि आप भी ऐसा करते हैं तो यकीनन आप अपने बच्चे की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. बता दें कि, जापान में पहली बार इनवेंट हुआ ये नूडल्‍स आज दुनियाभर में काफी प्रचलित हो गया है. आज बाजार में नूडल्‍स कई तरह के फ्लेवर में मौजूद हैं. ये नूडल्स के ऐसे फ्लेवर हैं, जिनमें कई तरह के हानिकारक तत्व मिले होते हैं. इनका अधिक सेवन करने से बच्चों में फैट अधिक बढ़ता है. साथ ही लिवर पर भी गलत प्रभाव पड़ता है. आइए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कन्नौज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कैलाश सोनी से जानते हैं इंस्टेंट नूडल्स सेहत पर कैसे इफेक्ट डालते हैं.

क्‍या है इंस्टेंट नूडल्स

एक्सपर्ट के मुताबिक, नूडल्स मैदे से तैयार किए जाते हैं. इसके अलावा इंस्टेंट नूडल्स में सीज़निंग, नमक और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) भी होते हैं. इनमें न्यूट्रिशन की शून्य होती है. इसका सेवन करने से कुछ घंटों के लिए पेट भरा जा सकता है. बता दें कि, इंस्टेंट नूडल्‍स को पहले भाप में पका कर फिर डीप फ्राई किया जाता है. ऐसा करने का मकसद इसकी उम्र लंबी करना. ऐसा करने से इसमें ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो जाती है. यही कारण है कि अधिक सेवन से बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ सकती है.

इंस्‍टेंट नूडल्‍स अनहेल्‍दी होने के कारण

वैक्स कोटिंग: बच्चों की सेहत के लिए वैक्स नुकसानदायक होता है. यह उनके लिवर पर गलत प्रभाव डालता है. बता दें कि, हर कंपनी अपने नूडल्स को आकर्षक दिखाना चाहती है. इसके चलते वे नूडल्स के तैयार होने के बाद ऊपर से वैक्स की परत चढ़ा देते हैं. ऐसे में बच्चों को इनके सेवन से बचाना चाहिए.

हाई सोडियम: नूडल्स में मौजूद हाई सोडियम सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, 100 ग्राम नूडल्‍स में करीब 397 से 3678 एमजी सोडियम पाया जाता है. ऐसे में इसके अधिक सेवन से स्‍टोमक कैंसर, स्‍ट्रोक, हार्ट डिजीज, हाई ब्‍लड प्रेशर, किडनी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. बता दें कि, डब्‍लूएचओ एक दिन में सिर्फ 2 ग्राम सोडियम का सेवन ही खाने की सलाह देता है.

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एमएसजी की अधिक मात्रा : नूडल्स को फ्लेवर देने के लिए इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामैट (MSG) मिलाया जाता है. ऐसे में इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो जाता है. बता दें कि, इन नूडल्स के अधिक सेवन से सिर में दर्द, चक्‍कर आना, हाई ब्‍लड प्रेशर, थकान, कमजोरी, मसल्‍स में खिंचाव, सीने में दर्द, हार्ट पैल्‍पेटीशन आदि की समस्‍या हो सकती है. वहीं, नूडल्स को सुरक्षित रखने के लिए नमक अधिक मात्रा में मिलाया जाता है, जोकि बच्चों के वाइटल ऑर्गन को नुकसान पहुंचा सकता है.

प्रोटीन और फाइबर की कमी: इंस्टेंट नूडल्स में प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है. बता दें कि, इन दोनों का किसी भी भोजन में होना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि प्रोटीन आपके पेट को भरा महसूस कराता है और फाइबर गट को क्लीन करने में मदद करता है. ऐसे में अधिक इंस्‍टेंट नूडल्‍स का सेवन डायजेशन सिस्टम को बिगाड़ सकता है.

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प्रोफाइलिंग ग्लाइकोल से युक्त: नूडल्स को सूखा रखना जरूरी होता है. ऐसे में नूडल्स कंपिनयां पैकिंग के अंदर नमी को रखना चाहती हैं. इसके लिए वे इसमें प्रोपाइलिन ग्लाइकोल मिलाते हैं. बता दें, बच्चों के हार्ट के लिए प्रोपाइलिन ग्लाइकोल ठीक नहीं माना जाता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, इनका अधिक सेवन करने से बच्चों को हार्ट, लीवर और किडनी से जुड़े दिक्कतें हो सकती हैं.

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