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Forensic Movie Review: व‍िक्रांत मैसी और राध‍िका आप्‍टे की ये सस्‍पेंस क्राइम थ्र‍िलर, वो ‘गजब’ नहीं कर पाई…

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मूवी समीक्षा फोरेंसिक हिंदी में: आज ओटीटी पर हर बड़ा स‍ितारा अपनी उपस्‍थ‍ित‍ि दर्ज कराने कोशिश में लगा है. लेकिन राध‍िका आप्‍टे (Radhika Apte) उन एक्‍ट्रेसेस में से एक हैं, ज‍िन्‍होंने ओटीटी के इस सैलाब से पहले ही इस समुंदर में कई कमाल की नौकाएं दौड़ाई हैं. ‘फॉब‍िया’, ‘सेक्रेड गेम्‍स’, ‘रात अकेली’ समेत कई वेब सीरीज और ओटीटी कंटेंट का ह‍िस्‍सा रहीं राध‍िका अब एक बार फिर ‘फॉरेंस‍िक’ (Forensic Movie) नाम की फिल्‍म में सामने आई हैं. व‍िक्रांत मैसी (Vikrant Massey) के साथ राध‍िका की जोड़ी वाली ये फिल्‍म ZEE5 पर र‍िलीज हुई है और एक सस्‍पेंस क्राइम थ्र‍िलर है. जान‍िए कैसी है ये फिल्‍म.

देख‍िए कहानी की बात करें तो क‍िसी भी सस्‍पेंस थ्र‍िलर की सबसे पहली शर्त होती है कि उसकी कहानी के राज और ट्व‍िस्‍ट ऐंड टर्न आपको पहले से न पता हों. इसल‍िए ब‍िना कोई स्‍पॉइलर के बस यही समझ लीजिए कि मसूरी शहर है, जहां जन्‍मदिन के द‍िन ही कई छोटी बच्‍च‍ियों के कत्‍ल हो रहे हैं, वो भी बहुत ही बेरहमी से. इसी किलर की तलाश में हैं सब इंस्‍पेक्‍टर मेघा शर्मा (राध‍िका आप्‍टे) और उनकी मदद के लिए देहरादून से बुलाए गए हैं, फॉरेंस‍िक के जबरदस्‍त एक्‍सपर्ट जॉनी खन्ना (व‍िक्रांत मैसी)… हां इन दोनों का एक पास्‍ट भी है, जो आपको ब‍िना देरी के फिल्‍म में ही पता चल जाएगा. लेकिन अब आखिर ये गुत्‍थी क्‍या है, कैसे मोड़ लेती है, वो देखने के लिए आपको ये फिल्‍म देखनी होगी.

‘फॉरेंस‍िक’ मलयालम भाषा की फ‍िल्‍म का रीमेक
सबसे पहले तो साफ कर दूं कि ‘फॉरेंस‍िक’ मलयालम भाषा की इसी नाम की फिल्‍म का ह‍िंदी रीमेक है. मलयालम फॉरेंस‍िक तो ह‍िट साबित हुई थी लेकिन देखना इस रीमेक में थोड़ी परेशान‍ियां हैं. सबसे पहले कुछ अच्‍छी बात करें तो ओटीटी पर इससे पहले भी कई सस्‍पेंस थ्र‍िलर सामने आई हैं लेकिन इस फिल्‍म की अलग बात है कि यहां सबकुछ स‍िर्फ एक सुपरकॉप या साइको व‍िलेन के बीच नहीं हो रहा है. बल्कि यहां चीजें फॉरेंस‍िक एक्‍सपर्ट की नजर से देखी जा रही हैं और यही बारीकियां देखने में आपको बहुत मजा आएगा. स‍िर्फ एक पुल‍िस वाला अकेले सब सॉल्‍व नहीं करेगा, बल्कि लॉज‍िकल तरीके से चीजें द‍िखाई गई हैं.

फर्स्‍ट हाफ बढ़‍िया लेकिन…
फिल्‍म का फर्स्‍ट हाफ काफी मजेदार है लेकिन द‍िक्‍कत शुरू होती है सैकंड हाफ से, जहां चीजें बस न‍िपटाने की जल्‍दी है. साथ ही क्‍लाइमैक्‍स आपको 2018 की तम‍िल की सुपरहिट फिल्‍म ‘रतसासन’ की याद भी द‍िला सकता है. यहां तक की इन दोनों फिल्‍मों में क्राइम का श‍िकार होने वाली भी स्‍कूल की लड़कियां हैं.

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व‍िक्रांंत मैसी हैं र‍िफ्रेश‍िंंग
फॉरेंस‍िक में सबसे र‍िफ्रेश‍िंग हैं व‍िक्रांत मैसी जो क‍िसी आम फॉरेंस‍िक एक्‍सपर्ट की तरह स‍िर्फ सीरियस नहीं हैं. बल्कि अपने काम को पूरे द‍िल से करते हैं. द‍िक्‍कत शुरू होती है, जब कहानी की आखिरी ह‍िस्‍सा आपको एक्‍सपेक्‍टेड लगने लगता है. साथ ही एक कार चेज‍िंग सीक्‍वेंस काफी अजीब भी लगा ज‍िसने इस लॉज‍िकल फिल्‍म को पूरी तरह ‘फिल्‍मी मसाला’ वाला फील दे द‍िया.

व‍िक्रांत मैसी फॉरेंस‍िक में जबरदस्‍त रहे हैं.

अगर आप घर बैठे हैं और आपको एक सस्‍पेंस थ्र‍िलर देखने का मन है तो व‍िक्रांत मैसी के मजेदार अंदाज और क्राइम के पीछे फॉरेंस‍िक लॉज‍िक को समझने के लिए आप ये फिल्‍म एक बार जरूर देख सकते हैं. मेरी तरफ से इस फिल्‍म को 2.5 स्‍टार.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

टैग: -राधिका आप्टे, Vikrant Massey

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